हरियाणा पुलिस के महानिदेशक (डीजीपी) ओपी सिंह ने बुधवार को रोहतक का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस जवानों ने डीजीपी को सलामी दी। एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया, एडीसी नरेंद्र कुमार, एएसपी वाई.वी.आर. शशि शेखर और प्रतीक अग्रवाल सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
डीजीपी ओपी सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस की नौकरी लड़ाकों की है, इसमें सॉफ्ट बातें नहीं चलतीं। उन्होंने कहा कि इस समय 100 से अधिक पुलिस टीमें बदमाशों के पीछे लगी हुई हैं। डीजीपी ने कहा — “दूसरों की लड़ाई लड़ने का हौसला होना चाहिए। कुछ लोग गलत नौकरी में आ गए हैं जो अपराधियों की मदद करते हैं।” उन्होंने गैंगस्टरों को “गीदड़” बताते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो अपराध करने के बाद भागने के बजाय वहीं टिक कर दिखाएं।
डीजीपी ने साफ कहा कि “पुलिस की कोई जाति नहीं होती, पुलिस की एक ही जाति है — खाकी।” उन्होंने बताया कि 34 साल की सेवा में उन्होंने कभी किसी स्टाफ से उसकी जाति नहीं पूछी। सभी मामलों का समाधान एक सप्ताह के भीतर करने के निर्देश दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जो लोग विदेशों में बैठकर खुद को गैंगस्टर कहते हैं और सोशल मीडिया पर धमकी देते हैं, वे गीदड़ों की तरह घूमते हैं और कुत्ते की मौत मरते हैं। डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस लगातार नशे की सप्लाई करने वालों पर शिकंजा कस रही है और अब तक 150 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
डीजीपी ओपी सिंह ने स्पष्ट कहा कि गलतियां और बेवकूफी सुधारी जा सकती है, लेकिन बदमाशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि एक पुलिस अधिकारी को सस्पेंड भी किया गया है और किसी को कोई शिकायत हो तो सीधे बताने को कहा गया है।
उन्होंने एएसआई संदीप लाठर मामले पर भी कहा कि पुलिस कानून के अनुसार जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण हैं, लेकिन पुलिस निष्पक्ष तरीके से अपनी कार्रवाई कर रही है।
