Sunday, March 29, 2026
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डेरा सच्चा सौदा नपुंसक बनाने केस में अमेरिकी गवाह की गवाही अटकी, US न्याय विभाग से सहयोग न मिलने पर सुनवाई प्रभावित

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह से जुड़े बहुचर्चित नपुंसक बनाने के मामले में एक अहम गवाह की गवाही एक बार फिर अटक गई है। पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत में गवाह का बयान दर्ज नहीं हो सका, क्योंकि अमेरिकी न्याय विभाग ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही देने की अनुमति के लिए भारत सरकार के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया। यह गवाह अमेरिका में रहता है और स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बयान देने को तैयार था।

अमेरिकी न्याय विभाग से सहयोग न मिलने पर रुकी गवाही

सीबीआई ने अपने वरिष्ठ लोक अभियोजक जसविंदर कुमार भट्टी के माध्यम से अदालत में गृह मंत्रालय और अमेरिकी न्याय विभाग के बीच हुई बातचीत और भेजे गए रिमाइंडर से जुड़े दस्तावेज पेश किए। सीबीआई का कहना है कि गृह मंत्रालय ने कई बार अनुरोध भेजा, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। इसी कारण गवाह की गवाही फिलहाल संभव नहीं हो पाई।

कोर्ट में यह प्रस्तुत किया गया कि प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए विदेश से आवश्यक तकनीकी और कानूनी अनुमति अब तक प्राप्त नहीं हुई है।

गवाह के वकील ने सीबीआई पर लगाया उदासीनता का आरोप

गवाह के वकील नवकिरण सिंह ने कोर्ट में कहा कि सीबीआई इस मामले में गंभीरता नहीं दिखा रही है, जबकि अदालत पहले ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की अनुमति दे चुकी है। उन्होंने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इस अनुमति को बरकरार रखा है, फिर भी सीबीआई अभी तक सक्रिय रूप से इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाई।

उन्होंने यह भी कहा कि आज जिस प्रकार से सीबीआई ने रिकॉर्डिंग और विजुअलाइज़र के दस्तावेज पेश किए, वह उनके उदासीन रवैये को दर्शाता है।

92 में से केवल 12 गवाहों की गवाही दर्ज

यह मामला कई वर्षों से लंबित है और अभियोजन पक्ष ने बताया है कि इस केस में कुल 92 गवाह हैं, लेकिन अब तक मात्र 12 गवाहों की ही गवाही रिकॉर्ड हो पाई है। यह धीमी प्रगति इस संवेदनशील और गंभीर मामले में देरी का बड़ा कारण बन रही है।

गवाह के वकील ने तर्क दिया कि गवाह स्वयं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बयान देने के लिए तैयार है, इसलिए अमेरिकी न्याय विभाग के माध्यम से सम्मन भेजने की आवश्यकता ही नहीं है।

कोर्ट ने भारतीय दूतावास से सहायता लेने का सुझाव दिया

बहस सुनने के बाद विशेष मजिस्ट्रेट अनिल कुमार यादव ने निर्देश दिया कि सीबीआई उच्च अधिकारियों से इस बात पर चर्चा करे कि क्या अमेरिका में रहने वाले इस भारतीय नागरिक की गवाही भारतीय दूतावास (Indian Embassy) की सहायता से बिना अमेरिकी न्याय विभाग की अनुमति के रिकॉर्ड की जा सकती है।

अदालत ने कहा कि सीबीआई इस संबंध में अपनी रिपोर्ट दाखिल करे और स्पष्ट करे कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी। अदालत ने माना कि केस पहले ही काफी लंबा खिंच चुका है और अभियोजन साक्ष्यों को अंतिम रूप देने में देरी नहीं होनी चाहिए।

केस की पृष्ठभूमि: गवाह की याचिका पर ही शुरू हुई थी जांच

यह वही गवाह है जिसकी याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिसंबर 2014 में सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे। आरोप था कि डेरा सच्चा सौदा में ईश्वर प्राप्ति के नाम पर दर्जनों पुरुष अनुयायियों को नपुंसक बनाया गया था।

इस मामले में राम रहीम पर गंभीर आरोप हैं और वर्षों से केस की सुनवाई चल रही है

Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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