दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट में 9 लोगों की मौत के बाद हरियाणा में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। गुरुग्राम, झज्जर, फरीदाबाद, सोनीपत और NCR के अन्य जिलों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सोमवार रात से ही बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेट्रो स्टेशन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया।
पुलिस कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जिले से बाहर जाने से पहले अनुमति लेने का निर्देश दिया गया है। दिल्ली से सटे झज्जर, गुरुग्राम और सोनीपत के बॉर्डर पर वाहनों की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
हरियाणा के DGP ओपी सिंह ने जनता से अपील की है कि वे शांत रहें और कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखे तो तुरंत 112 पर सूचना दें। DGP ने बताया कि इंटर-स्टेट बॉर्डर, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, पार्किंग एरिया, होटल और धर्मशालाओं में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
फरीदाबाद जिले में पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि जिले के विभिन्न हिस्सों में गश्त बढ़ा दी गई है। फतेहपुर तगा गांव सहित कई क्षेत्रों में घरों और दुकानों की तलाशी ली जा रही है। झज्जर पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह ने कहा कि SHO, CIA यूनिट और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने वाली टीमों को अलर्ट किया गया है।

पानीपत में DSP सतीश वत्स ने बताया कि दिल्ली से आने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जा रही है। GRP थाना प्रभारी चंदन सिंह ने कहा कि ट्रेनों में भी चेकिंग की जा रही है और यात्रियों पर नजर रखी जा रही है। अंबाला में RPF इंस्पेक्टर रविंद्र ने कहा कि रेलवे स्टेशन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
रेवाड़ी पुलिस ने 56 स्थानों पर नाके स्थापित किए हैं और सभी वाहनों की गहन जांच की जा रही है। SP हेमेंद्र मीणा ने बताया कि सभी नाकों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। सिरसा में पुलिस रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और होटलों में जांच कर रही है। बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर पर सभी वाहनों का नंबर नोट किया जा रहा है।
पंचकूला में सार्वजनिक स्थानों और होटल व धर्मशालाओं में चेकिंग जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि NCR जिलों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और लोगों को सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
हरियाणा पुलिस ने जनता से सहयोग की अपील की है और कहा कि सुरक्षा का यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पूरी स्थिति नियंत्रण में न आ जाए।
