दिल्ली में सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-1 के पास सफेद रंग की हुंडई i20 कार में हुए धमाके का CCTV फुटेज सामने आया है। फुटेज में काले मास्क वाला एक शख्स पार्किंग से कार निकालता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह शख्स डॉक्टर मोहम्मद उमर नबी बताया जा रहा है, जो पुलवामा का रहने वाला है और फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी के तौर पर काम करता था।
सूत्रों के मुताबिक, डॉ. उमर का चेहरा CCTV में दिखे संदिग्ध से मेल खाता है। उस पर जैश-ए-मोहम्मद आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने का आरोप है। माना जा रहा है कि वह हरियाणा के फरीदाबाद में सक्रिय आतंकी नेटवर्क का हिस्सा था।
फरीदाबाद मॉड्यूल से जुड़ी बड़ी गिरफ्तारी
दिल्ली धमाके से कुछ घंटे पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस ने फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल से जुड़े तीन डॉक्टरों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 2,900 किलो विस्फोटक, एक असॉल्ट राइफल और एक AK-47 बरामद की गई थी।
पुलिस को जैश से जुड़े चार डॉक्टरों की तलाश थी, जिनमें डॉ. उमर भी शामिल था। तीन की गिरफ्तारी के बाद माना जा रहा है कि उमर ने दिल्ली में आत्मघाती हमला किया।
तीन घंटे तक कार में बैठा रहा संदिग्ध
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अनुसार, i20 कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे पार्किंग में खड़ी रही। उमर नबी कार में ही बैठा रहा और एक पल के लिए भी बाहर नहीं निकला।
शाम करीब 6:52 बजे, कार लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास ट्रैफिक सिग्नल पर पहुंची और अचानक धमाका हो गया। इसमें अब तक 12 लोगों की मौत और 21 घायल हुए हैं।
DNA जांच से पुष्टि की जाएगी पहचान की
धमाके के बाद डॉक्टर उमर की पहचान की पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलवामा में उसकी मां का DNA सैंपल लिया गया है, ताकि मृतकों में से किसी का DNA उससे मैच किया जा सके।
पुलिस ने उमर की मां और दो भाइयों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
परिवार ने क्या कहा

डॉ. उमर की भाभी मुजम्मिला ने ANI से कहा —
“पुलिस मेरे पति, देवर और सास को उठाकर ले गई है। उन्होंने उमर के बारे में पूछा। हमने बताया कि वह दिल्ली में है। वह पिछले दो महीनों से घर नहीं आया था।”
उन्होंने बताया कि उमर की सगाई हो चुकी थी, लेकिन शादी नहीं हुई थी। उसे क्रिकेट का शौक था और घर आने पर वही खेलता था।
अन्य गिरफ्तारियाँ और नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने फरीदाबाद से डॉ. मुजम्मिल शकील और लखनऊ से महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद को गिरफ्तार किया। मुजम्मिल के पास से 360 किलो विस्फोटक और असॉल्ट राइफल मिली, जबकि शाहीन की कार से AK-47 और कारतूस बरामद हुए।
सहारनपुर से गिरफ्तार डॉ. आदिल अहमद (अनंतनाग निवासी) भी इसी मॉड्यूल से जुड़ा था।
जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, यह नेटवर्क दिल्ली, हरियाणा और कश्मीर में सक्रिय था और इसका कनेक्शन जैश-ए-मोहम्मद से है।
