हरियाणा में “वोट चोर-गद्दी छोड़” अभियान के दौरान कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। 18 नवंबर को हिसार में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने पार्टी की वरिष्ठ नेता और सांसद कुमारी सैलजा की फोटो पोस्टरों पर नहीं लगाई। इसके अलावा मंच संचालन को लेकर हिसार कांग्रेस के दो जिला अध्यक्षों के बीच सार्वजनिक तौर पर झगड़ा हो गया। दोनों मामलों की शिकायत अब कांग्रेस अनुशासन समिति तक पहुंच गई है।
अनुशासन समिति ने माना—यह सीधी अनुशासनहीनता
कांग्रेस अनुशासन समिति के चेयरमैन और पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक ने साफ कहा कि AICC द्वारा जिन नेताओं की फोटो पोस्टर में शामिल करना अनिवार्य है, उनमें कुमारी सैलजा भी हैं। ऐसे में उनकी फोटो को हटा देना सीधी अनुशासनहीनता है। उन्होंने कहा—
“अनुशासनहीनता किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। चाहे छोटा नेता हो या बड़ा पदाधिकारी।”
धर्मपाल मलिक ने बताया कि उन्हें मीडिया के माध्यम से हिसार की घटना की जानकारी मिली और इस संबंध में उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र से बात भी की है। इस मामले पर 22 नवंबर को अंबाला में होने वाली अनुशासन समिति की बैठक में कार्रवाई की जाएगी।
हिसार में किन विधायकों ने नहीं लगाई सैलजा की फोटो
हिसार के कार्यक्रम में जिन नेताओं ने कुमारी सैलजा की फोटो नहीं लगाई, वे सभी हुड्डा खेमे से जुड़े माने जाते हैं। इनमें शामिल हैं—
- जस्सी पेटवाड़ (नारनौंद विधायक)
- नरेश सेलवाल (उकलाना विधायक)
- चंद्रप्रकाश (आदमपुर विधायक)
नारनौंद में विधानसभा चुनाव के दौरान जस्सी पेटवाड़ की सभा में कुमारी सैलजा को लेकर जातीय टिप्पणी हुई थी, जिसके बाद वे प्रचार से दूर हो गई थीं। कांग्रेस की हार में यह एक कारण माना गया था।
मंच संचालन को लेकर हिसार में भिड़े दो जिला अध्यक्ष
हिसार कांग्रेस भवन में मंच संचालन को लेकर भी बवाल हो गया। शहरी जिलाध्यक्ष बजरंग दास गर्ग मंच संचालन करना चाहते थे, जबकि ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने दावा किया कि उन्होंने “ऊपर से” अनुमति ले रखी है। इसी बात पर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए।
स्थिति बिगड़ते देख एससी सेल के शहरी जिला अध्यक्ष सोनू लंकेश ने माइक्रोफोन बंद कर दिया ताकि झगड़े की आवाज बाहर न जाए। बाद में हांसी से कांग्रेस उम्मीदवार राहुल मक्कड़ ने पहुंचकर विवाद शांत कराया।

अनुशासन समिति को भेजी गई शिकायत
सोनू लंकेश ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी बीके हरि प्रसाद, प्रदेश अध्यक्ष राव नरबीर और सांसद दीपेंद्र हुड्डा को लिखित शिकायत भेजी है। इसमें आरोप लगाया गया है कि ग्रामीण जिलाध्यक्ष बृजलाल बहबलपुरिया ने मंच संचालन रोकने के लिए माइक छीन लिया।
गुटबाजी ने चुनाव हरवाए—पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक
धर्मपाल मलिक ने कहा कि 2024 विधानसभा चुनाव में जनता चाहती थी कि कांग्रेस सरकार बनाए, लेकिन पार्टी की अंदरूनी लड़ाई और गुटबाजी ने नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा कि “एक-दूसरे पर गलत बातें कहने की वजह से जनता को नुकसान झेलना पड़ रहा है।”
कौन-कौन सी फोटो पोस्टर में जरूरी—AICC की गाइडलाइन
अभियान के पोस्टरों में जिन नेताओं की फोटो अनिवार्य है:
- सोनिया गांधी
- अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
- राहुल गांधी
- प्रियंका गांधी
- केसी वेणुगोपाल
- प्रभारी बीके हरि प्रसाद
- प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र
- विपक्ष नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- सांसद कुमारी सैलजा
- सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला
- सीडब्ल्यूसी सदस्य दीपेंद्र हुड्डा
इनमें से किसी की भी फोटो हटाना अनुशासनहीनता माना जाता है।
22 नवंबर को होगी बड़ी बैठक
धर्मपाल मलिक ने बताया कि प्रदेशभर से इस तरह की कई शिकायतें आई हैं, लेकिन संख्या बताना अभी संभव नहीं है। हरियाणा को 5 जोन में बांटा गया है और पहली बैठक अंबाला में होगी।
संपत सिंह मामला—सूचना लीक होने से कार्रवाई टली
धर्मपाल मलिक ने बताया कि पूर्व मंत्री संपत सिंह पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई तय थी, क्योंकि वे इनेलो की रैली में गए थे और पार्टी लाइन से हटकर बयान दे रहे थे। लेकिन बैठक की सूचना लीक हो गई और अगले दिन ही वे कांग्रेस छोड़कर इनेलो में शामिल हो गए।
