हिसार: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज हिसार जिले की नलवा विधानसभा में धन्यवाद रैली करेंगे। यह रैली हिसार-राजगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित पनिहार फॉर्म परिसर में आयोजित की जा रही है।
यह रैली राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण और खास मानी जा रही है, क्योंकि इसके जरिए भजनलाल परिवार (बिश्नोई परिवार) अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करेगा।
बिश्नोई परिवार मंच पर एक साथ
मुख्यमंत्री सैनी के साथ मंच पर पूर्व सीएम चौ. भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई, पोते भव्य बिश्नोई और पूर्व विधायक रेणुका बिश्नोई भी मौजूद रहेंगे। इससे यह रैली न केवल भाजपा बल्कि बिश्नोई परिवार के लिए भी शक्ति प्रदर्शन का अवसर बनेगी।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
रैली स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन ने पहली बार बुके को लेकर भी अलर्ट जारी किया है।
- बुके की संख्या सीमित की गई है।
- मुख्यमंत्री को दिए जाने वाले प्रत्येक बुके की सुरक्षा जांच के बाद ही अनुमति दी जाएगी।
- इसके लिए विशेष सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
प्रशासन के दो विशेष आदेश
- धारा 163 लागू:
जिलाधीश अनीश यादव ने सीएम की सुरक्षा के मद्देनज़र रैली स्थल के 2 किमी क्षेत्र को रेड ज़ोन घोषित कर दिया है। इस क्षेत्र में लाठी-डंडे, तलवारें, आग्नेय अस्त्र या पेट्रोल-डीजल जैसे ज्वलनशील पदार्थ लेकर चलने पर पाबंदी रहेगी। - बुके जांच का आदेश:
डीसी ने हिसार एसडीएम के माध्यम से एसपी शशांक कुमार सावन को पत्र लिखकर सीएम को दिए जाने वाले बुके की बारीकी से जांच करने के आदेश दिए हैं।
तीन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री सैनी इस मौके पर करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली तीन विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे —
- हिसार-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कैंट के निकट नवनिर्मित स्वागत गेट (अशोक द्वार) का उद्घाटन।
- मॉडल टाउन में मुंशी प्रेमचंद लाइब्रेरी का निर्माण कार्य प्रारंभ।
- मुकलान से स्याहड़वा सड़क के सुदृढ़ीकरण की आधारशिला।
नलवा सीट पर भाजपा का दबदबा
नलवा विधानसभा सीट पर भाजपा लगातार दो बार जीत दर्ज कर चुकी है।

- 2014 में रणबीर गंगवा ने (तब इनेलो में थे) यह सीट जीती और बाद में भाजपा में शामिल हुए।
- 2019 में भाजपा उम्मीदवार रणधीर पनिहार ने जीत हासिल की।
बिश्नोई परिवार का राजनीतिक प्रभाव
विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने बिश्नोई परिवार को तीन सीटें — आदमपुर, फतेहाबाद और नलवा — दी थीं। इनमें से केवल नलवा सीट बिश्नोई परिवार के खाते में गई, इसलिए यह रैली उनके लिए राजनीतिक रूप से विशेष महत्व रखती है।
