भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत शनिवार को सोनीपत स्थित ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां उन्होंने ‘न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों के व्यापक परिप्रेक्ष्य’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लिया। यह हरियाणा में उनका पहला आधिकारिक दौरा है, जिसके चलते पूरा प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट मोड में रहा।
कार्यक्रम में पहुंचते ही CJI का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस मौके पर केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल भी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपांकर दत्त, जस्टिस संजय करोल और देश-विदेश के कई वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञ इस सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे।
IMAANDAR एकेडमी का शुभारंभ
सम्मेलन के पहले दिन ‘IMAANDAR – इंटरनेशनल मूटिंग एकेडमी फॉर एडवोकेसी, नेगोशिएशन, डिस्प्यूट एडजुडिकेशन, आर्बिट्रेशन एंड रेजोल्यूशन’ का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया। इस एकेडमी का उद्देश्य विधि छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एडवोकेसी, मध्यस्थता, विवाद निपटान और आर्बिट्रेशन से जुड़े कौशलों में प्रशिक्षित करना है।
विश्वस्तरीय कानूनी शिक्षा मॉडल पर आधारित यह एकेडमी विद्यार्थियों को भविष्य की कानूनी चुनौतियों के लिए सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे न केवल भारतीय विधि शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि वैश्विक कानूनी मंच पर भी भारतीय प्रतिभाओं की पहचान और मजबूत होगी।
सम्मेलन में न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर महत्वपूर्ण चर्चा
दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का केंद्र बिंदु न्यायपालिका की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा रहा। कानूनी विशेषज्ञों ने न्यायपालिका की भूमिका, संविधान की बुनियादी संरचना, मानवाधिकारों की रक्षा, और बदलते वैश्विक परिदृश्य में न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।

कई विधि विशेषज्ञों ने कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता लोकतंत्र की रीढ़ है, और नागरिक अधिकारों की रक्षा इसी स्वतंत्र ढांचे पर निर्भर करती है। सम्मेलन में डिजिटल युग में न्यायिक पारदर्शिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और न्यायालयों के आधुनिकीकरण पर भी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
CJI सूर्यकांत के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने पूरे यूनिवर्सिटी परिसर का निरीक्षण किया और सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने प्रवेश द्वार, निकास, पार्किंग एरिया और मुख्य कार्यक्रम स्थल पर अतिरिक्त पुलिसबल की तैनाती के निर्देश दिए।
इसके साथ ही, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को हर समय अलर्ट रहने के आदेश दिए गए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। निरीक्षण के दौरान DCP पूर्वी जोन प्रबीना पी, ACP अजीत सिंह, और ट्रेनिंग पर चल रही ACP गीता फौगाट भी मौजूद रहीं।
हरियाणा के लिए सम्मान का क्षण
CJI सूर्यकांत का यह दौरा हरियाणा के लिए गौरव का अवसर माना जा रहा है। एक ऐसे समय में जब देश न्यायिक सुधारों और नागरिक अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक हो रहा है, यह सम्मेलन कानूनी शिक्षा और न्यायपालिका दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
