कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजेंद्र सिंह की ‘सदभाव पदयात्रा’ अब सातवें हलके में पहुंच गई है। यह यात्रा नरवाना हलके के दनौदा गांव के ऐतिहासिक चबूतरे से 5 अक्टूबर को शुरू हुई थी। जींद जिले के उचाना में यात्रा के दूसरे दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भी शामिल हुए।
उचाना मंडी में सुरेंद्र गर्ग के प्रतिष्ठान पर व्यापारियों और कार्यकर्ताओं ने बृजेंद्र सिंह का जोरदार स्वागत किया। यात्रा उचाना मंडी से उचाना कलां होते हुए उचाना खुर्द पहुंची, जहां फूलों की बारिश से स्वागत किया गया। बृजेंद्र सिंह ने शहीद पारस राम की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद यात्रा काकड़ोद, नचार, उदयपुर, दुर्जनपुर से होते हुए उकलाना हलके में प्रवेश कर गई।
हर गांव में ग्रामीणों द्वारा ट्रैक्टरों के काफिले के साथ भव्य स्वागत किया जा रहा है। कई जगहों पर बृजेंद्र सिंह को लड्डुओं से तोला गया, वहीं महिलाओं ने देसी घी से बना चूरमा भेंट किया। पहले चरण में यह यात्रा कुल 14 हलकों में जाएगी।

भाजपा नेताओं के बयानों पर पलटवार करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा कि “भाजपा को कांग्रेस की चिंता करने की जरूरत नहीं है, कांग्रेस अपनी चिंता खुद कर लेगी।” उन्होंने भाजपा पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी को इससे बचना चाहिए, जो सबके लिए बेहतर होगा।
बिहार चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि महागठबंधन इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएगा। भाजपा के “बिना पर्ची, बिना खर्ची” रोजगार के दावों पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “जब रोजगार ही नहीं है तो पर्ची-खर्ची का सवाल ही नहीं उठता।”
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने भाजपा इसलिए छोड़ी क्योंकि वहां विचारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं थी, जबकि कांग्रेस खुले विचारों और खुले मन वाली पार्टी है।
