हरियाणा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह अपने बेटे और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा के दूसरे फेज की तैयारियों में जुटे हैं। पहले फेज की यात्रा सफल रही थी, लेकिन उस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह इसमें शामिल नहीं हुए थे। बिरेंद्र सिंह ने कहा कि जैसे ही जनता जुड़ेगी, कांग्रेस कार्यकर्ता और नेता भी इससे जुड़ेंगे।
बिरेंद्र सिंह का बयान:
बिरेंद्र सिंह ने कहा कि इस यात्रा को आम जनता का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति के स्तर पर पार्टी के समर्थन से अलग, भाईचारे और समाज में एकजुटता को मजबूती देना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर, वकील, डॉक्टर, इंजीनियर और कर्मचारी सभी यह महसूस कर रहे हैं कि भाजपा की नीति ने भाईचारे पर असर डाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस इस भाईचारे को और मजबूत करेगी।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी संगठन:
बिरेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष अभी यात्रा में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन जनता जुड़ने पर कांग्रेस के कार्यकर्ता और नेता भी स्वयं इसमें जुड़ेंगे। उन्होंने कांग्रेस की पुरानी कमजोरियों को याद करते हुए कहा कि संगठनात्मक मजबूती के बिना पार्टी को हमेशा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नए अध्यक्ष और टीम के गठन के बाद पार्टी मजबूत स्थिति में होगी।
यात्रा की अवधि और उद्देश्य:
बिरेंद्र सिंह ने बताया कि सद्भाव यात्रा अप्रैल 2026 के मध्य तक पूरी होगी, जिसमें लगभग सात महीने का समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यात्रा का समापन समारोह जन समर्थन और जनता की भागीदारी के रूप में विशाल होगा। उन्होंने दावा किया कि कम से कम 20 हजार लोग इसमें शामिल होंगे, जिसमें युवा, महिला और पुरुष सभी शामिल होंगे।
भाईचारे का संदेश:
सद्भाव यात्रा का उद्देश्य हरियाणा में भाईचारे को मजबूत करना है। बिरेंद्र सिंह ने कहा कि जो लोग भाईचारे को तोड़ने की कोशिश करेंगे, उनके प्रयास नाकाम होंगे। यह यात्रा जनता को यह संदेश देगी कि किसी भी राजनीतिक संघर्ष में भाईचारे और समाज की एकता सर्वोपरि है।
बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा हरियाणा की राजनीति में एक नई पहल मानी जा रही है। जनता की भागीदारी और व्यापक समर्थन इस यात्रा को और प्रभावशाली बना रहा है। बिरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि पार्टी संगठन और नेताओं की भागीदारी समय के अनुसार तय होगी, लेकिन जनता का समर्थन हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
