भिवानी जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश डीआर चालिया के नेतृत्व में, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) पवन कुमार ने पुलिस लाइन में बने सेफ हाउस का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरे का उद्देश्य वहां रह रहे युगल जोड़ों की सुरक्षा, आराम और सुविधाओं का जायजा लेना था।
सेफ हाउस की समीक्षा
सीजेएम ने सबसे पहले सेफ हाउस की सफाई, माहौल और कमरों की स्थिति का निरीक्षण किया। इसके अलावा उन्होंने पीने के पानी की गुणवत्ता, बाथरूम की स्थिति, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की सूची और खाने की व्यवस्था की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर सुधार की आवश्यकता पाई गई, जिन्हें तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए।
सीजेएम पवन कुमार ने कहा कि ठंड के मौसम में सेफ हाउस में रह रहे जोड़ों के लिए गर्म कपड़े, गद्दे और हीटर जैसी चीजें उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि उन्हें ठंड का सामना न करना पड़े।
युगल जोड़ों की निजता और सुरक्षा
सीजेएम ने अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देश दिए कि संवेदनशील मामलों में रह रहे युगल जोड़ों की निजता और सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अक्सर ये जोड़े सामाजिक और पारिवारिक दबावों के कारण तनाव में रहते हैं, इसलिए अधिकारियों को उनके साथ सहानुभूति और संवेदनशीलता से पेश आना चाहिए।

कानूनी और सामाजिक सहायता
सीजेएम पवन कुमार ने यह भी कहा कि सेफ हाउस में रह रहे युवाओं को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कानूनी सेवाओं के बारे में पूर्ण जानकारी दी जाए। प्राधिकरण की ओर से जोड़ों को निशुल्क कानूनी सलाह, सुरक्षा उपलब्ध कराने में सहायता और आवश्यक होने पर काउंसलिंग जैसी सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
भोजन की गुणवत्ता और समयबद्धता
भोजनालय की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीजेएम ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। भोजन समय पर, स्वच्छ और पौष्टिक होना चाहिए। उन्होंने सुनिश्चित किया कि हर युगल जोड़े को भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाएँ समय पर उपलब्ध हों।
युगल जोड़ों से संवाद
निरीक्षण के दौरान सीजेएम ने सेफ हाउस में रह रहे युगल जोड़ों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का समाधान तत्काल प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और प्रत्येक जोड़े को सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल उपलब्ध कराया जाए।
प्रशासनिक संदेश
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि संवेदनशील मामलों में फंसे युगल जोड़े सुरक्षित, सम्मानजनक और आरामदायक वातावरण में रह सकें। प्रशासन का यह कदम युवा जोड़ों की सुरक्षा, कानूनी सहायता और सामाजिक कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
