थाना साइबर क्राइम पुलिस ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर जमीन का फर्जी नाम दर्ज कराकर फसल का मुआवजा हड़पने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से एक मोबाइल भी बरामद किया है, जो फर्जीवाड़े में उपयोग किया गया था।
शिकायत और मामला
भिवानी के जमालपुर गांव निवासी एक महिला ने साइबर क्राइम थाना में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि उनकी और उनके परिवार की जमालपुर व बलियाली गांवों में जमीन है।
15 सितंबर को जब महिला सीएससी सेंटर पर क्षतिपूर्ति पोर्टल में अपनी जमीन दर्ज करवाने गई, तो उन्हें पता चला कि कुछ व्यक्तियों ने ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर धोखाधड़ी करते हुए उनकी जमीन अपने नाम दर्ज कर ली है। इसके आधार पर मुआवजा राशि अवैध रूप से अपने खाते में डलवा ली गई थी।
जांच और आरोपी की पहचान
शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान मुख्य सिपाही योगेश कुमार ने तकनीकी साक्ष्यों का अध्ययन किया और आरोपी को पकड़ा।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान नूंह जिला के फिरोजपुर झिरका निवासी परवेज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, परवेज ने धोखाधड़ी करके अपने नाम का पंजीकरण कराकर किसान का मुआवजा हड़पा था।
कोर्ट में पेश और जेल भेजा गया
पुलिस ने आरोपी परवेज को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेज दिया गया। साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है, जो इस फर्जीवाड़े में शामिल थे।
साइबर क्राइम की गंभीरता और चेतावनी
भिवानी पुलिस ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी और फर्जी पंजीकरण के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि क्षतिपूर्ति पोर्टल या अन्य सरकारी पोर्टल पर किसी भी प्रकार की फर्जी गतिविधि या संदिग्ध व्यवहार को तुरंत पुलिस को सूचित करें।
साइबर क्राइम पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामले गंभीर अपराध माने जाएंगे और इसमें शामिल अपराधियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
तकनीकी साक्ष्य और मोबाइल बरामदगी
पुलिस ने आरोपी से बरामद मोबाइल को डिजिटल साक्ष्य के रूप में जब्त किया। मोबाइल की जांच में पता चला कि फर्जी नामांकन और मुआवजा हड़पने में इसका उपयोग किया गया था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी साक्ष्य की मदद से ऐसे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया जा सकता है। आगामी दिनों में पुलिस पूरे हरियाणा में इस तरह की धोखाधड़ी पर निगरानी बढ़ाएगी।
भिवानी साइबर क्राइम पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश गया कि सरकारी पोर्टल पर धोखाधड़ी करने वाले अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी परवेज को गिरफ्तार कर जेल भेजने से अन्य संभावित अपराधियों के लिए चेतावनी का संदेश गया है।
साथ ही नागरिकों को जागरूक किया गया कि वे अपनी जमीन और फसल के दस्तावेजों की निगरानी करें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
इस मामले से यह भी साफ हो गया कि डिजिटल धोखाधड़ी के मामले में तकनीकी साक्ष्य और त्वरित पुलिस कार्रवाई कितना प्रभावशाली हो सकता है।
