भिवानी जिले के गांव निंगाणा कला की बास्केटबॉल खिलाड़ी खुशी ने हाल ही में आयोजित दो राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीते हैं। खुशी ने 27वें हरियाणा स्टेट गेम्स में स्वर्ण पदक और 57वीं हरियाणा सीनियर स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप-2025 में रजत पदक हासिल किया। इन उपलब्धियों ने न केवल खुशी का बल्कि भिवानी जिले का नाम भी रोशन किया है।
खुशी ने बताया कि पंचकूला में 2 से 8 नवंबर तक आयोजित 27वें हरियाणा स्टेट गेम्स में उन्होंने अपनी टीम के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके बाद भीम स्टेडियम में आयोजित 57वीं हरियाणा सीनियर स्टेट बास्केटबॉल चैंपियनशिप में खुशी ने अपनी टीम को रजत पदक दिलाने में अहम योगदान दिया।
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे खुशी ने अपने परिवार और कोचों का योगदान अहम माना। खुशी ने कहा कि उनके दादा केदार सिंह सांगवान और पिता हवलदार रामोतार ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया, जबकि उनकी मां ने हर कदम पर उनका साथ दिया। इसके अलावा कोच कृष्ण और अजय श्योराण ने उनकी तकनीक और खेल कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

खुशी ने कहा, “यह मेरे परिवार और कोचों के विश्वास का परिणाम है। उनके समर्थन के बिना यह संभव नहीं होता। मैं अपने अगले लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रही हूँ और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हूँ।”
कोच कृष्ण ने खुशी की मेहनत और खेल के प्रति जुनून की सराहना की। उन्होंने बताया कि खुशी ने दोनों प्रतियोगिताओं में दबाव के बावजूद अपनी बेहतरीन क्षमता का प्रदर्शन किया। उनके तकनीकी कौशल, फिटनेस और टीम भावना ने टीम को जीत दिलाने में मदद की।
खुशी की इस सफलता पर उनके दादा और पिता ने खुशी व्यक्त की। केदार सिंह सांगवान ने कहा, “हम हमेशा चाहते थे कि खुशी खेलों में आगे बढ़े और उसने यह सपना पूरा किया है। हमें गर्व है कि हमारी बेटी और पोती ने भिवानी का नाम राज्य स्तर पर उज्ज्वल किया।” हवलदार रामोतार ने भी कहा कि खुशी की मेहनत और समर्पण ने उन्हें गौरवान्वित किया है और वह हमेशा उनकी उपलब्धियों का समर्थन करेंगे।
भिवानी जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए खुशी एक प्रेरणा बन गई हैं। उनके संघर्ष और उपलब्धि से यह संदेश जाता है कि कड़ी मेहनत, पारिवारिक समर्थन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
खुशी का अगला लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर पर और बेहतर प्रदर्शन करना है। वह नियमित प्रशिक्षण, शारीरिक फिटनेस और रणनीति के माध्यम से अपनी तकनीक को और निखार रही हैं। उनके परिवार और कोचों का समर्थन उनके लिए लगातार प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
इस तरह खुशी न केवल अपने खेल करियर में नए मुकाम हासिल कर रही हैं, बल्कि भिवानी और हरियाणा के खेल जगत में भी अपनी अलग पहचान बना रही हैं।
