हरियाणा सरकार ने राज्य स्थापना दिवस पर हिसार जिले की बरवाला नगर पालिका के लोगों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने बरवाला नगर पालिका का दर्जा बढ़ाकर नगर परिषद कर दिया है। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता की ओर से गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया है।
इस नोटिफिकेशन के बाद बरवाला अब हरियाणा की 25वीं नगर परिषद बन गया है। इससे पहले 12 अगस्त 2025 को समालखा नगरपालिका को भी नगर परिषद में अपग्रेड किया गया था, जिससे वह प्रदेश की 24वीं नगर परिषद बनी थी।
नगर परिषद बनने के मानदंड:
हरियाणा में किसी नगर पालिका को नगर परिषद में बदलने के लिए मुख्य मापदंड जनसंख्या और शहरी विकास का स्तर होता है।
- यदि किसी क्षेत्र की आबादी 1 लाख से 5 लाख के बीच है,
- और वहां शहरी सुविधाएं व आर्थिक गतिविधियां विकसित हो चुकी हैं,
तो उसे नगर परिषद का दर्जा दिया जा सकता है।
नगर परिषद वाले क्षेत्र, नगर पालिका की तुलना में अधिक विकसित माने जाते हैं।

अब प्रदेश में कुल नगर परिषदें और नगर पालिकाएं:
सरकार के इस फैसले के बाद हरियाणा में अब कुल 25 नगर परिषदें और 51 नगर पालिकाएं हो गई हैं।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट एवं म्युनिसिपल कानून विशेषज्ञ हेमंत कुमार के अनुसार, पिछले छह वर्षों में प्रदेश सरकार ने कई शहरी क्षेत्रों में बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन किया है।
इनमें प्रमुख हैं —
- संयुक्त अंबाला नगर निगम का विभाजन कर अंबाला सदर के लिए नई नगर पालिका का गठन।
- पंचकूला नगर निगम की सीमा में बदलाव कर कालका और पिंजौर के लिए संयुक्त नगर परिषद की स्थापना।
- झज्जर और नूहं नगर पालिकाओं को नगर परिषद का दर्जा।
- और हाल ही में गुरुग्राम जिले में पटौदी व हेली मंडी नगर पालिकाओं को मिलाकर पटौदी मंडी नगर पालिका बनाई गई।
