हिसार, 26 अक्टूबर:
भिवानी जिले के बरवाला में अखिल भारतीय किसान सभा और अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त आह्वान पर 27, 28 और 29 अक्टूबर को एसडीएम कार्यालय बरवाला पर किसान-मजदूरों का तीन दिवसीय पड़ाव होगा। आंदोलन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और इसके लिए उकलाना तहसील के कई गांवों में जीप जत्थों ने दौरा कर ग्रामीणों को आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
कनोह, पाबड़ा, कंडुल, खैरी, किनाला, सहु, फरीदपुर, बिठमड़ा, बुढ़ा खेड़ा, बेरी अकबरपुर, लितानी और दौलतपुर में किसान नेताओं ने लोगों से आंदोलन में जुड़ने की अपील की। जत्थे में किसान सभा के जिला प्रधान कपूर सिंह बगला, जिला सचिव सरबत सिंह पूनिया, खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान डॉ. मियां सिंह बिठमड़ा, तहसील प्रधान फूल सिंह, तहसील सचिव प्रदीप बूरा सहित कई नेता शामिल रहे।
नेताओं ने कहा कि हाल की बारिश और जलभराव से किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, लेकिन सरकार एमएसपी पर खरीद नहीं कर रही। बीमा कंपनियां भी नाममात्र का नुकसान दिखाकर किसानों को ठग रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में जल निकासी करने में नाकाम रही है, जिससे कई गांव आज भी पानी में डूबे हैं।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों और मजदूरों की समस्याओं पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं की तो यह पड़ाव अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल जाएगा।
मुख्य मांगों में जलभराव से राहत, फसल नुकसान का मुआवजा, मनरेगा मजदूरी ₹600 प्रतिदिन, डीएपी-यूरिया की उपलब्धता और सरकारी भाव पर फसल खरीद शामिल हैं।
