महम हलके के गांव बहु-अकबरपुर स्थित शिक्षा भारती विद्यालय में बुधवार को सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों में सशक्तिकरण और जागरूकता बढ़ाना बताया गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य मंजीत मलिक ने कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों और सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और वक्ता रहे पूर्व प्रत्याशी राधा अहलावत, प्रदेश महामंत्री डॉ. रमा बल्हारा और प्राध्यापक शालिनी मलिक। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। राधा अहलावत ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में महिला सशक्तिकरण और जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में भारतीय वीरांगनाओं के जीवन पर आधारित प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतिभागियों ने देश की वीरांगनाओं के साहस और त्याग के उदाहरणों को साझा किया और उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। राधा अहलावत ने सभी प्रतिभागियों से आग्रह किया कि वे अपने जीवन में वीरांगनाओं के दिखाए मार्ग पर चलें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं।
डॉ. रमा बल्हारा ने कार्यक्रम के दौरान उन माताओं को सम्मानित किया, जिन्होंने अपनी बेटियों को खेलकूद और बाहरी गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान अन्य अभिभावकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है, ताकि वे अपनी बेटियों को खेल और अन्य गतिविधियों में प्रोत्साहित करें।

प्राध्यापक शालिनी मलिक ने स्कूल प्रबंधन समिति और स्टाफ का धन्यवाद किया कि उन्होंने इस प्रकार के प्रेरणादायक और शिक्षाप्रद कार्यक्रम आयोजित किए। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों और युवाओं में सकारात्मक सोच और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में मदद करते हैं।
कार्यक्रम में विद्यालय के स्टाफ सदस्य और ग्रामीण भी उपस्थित रहे। उन्होंने इस आयोजन को सराहा और कहा कि सप्त शक्ति संगम कार्यक्रम बच्चों और महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत के रूप में काम करेगा।
अंत में कार्यक्रम में पुरस्कार वितरण और आभार प्रदर्शन किया गया। प्रतिभागियों को उनके प्रदर्शन के लिए प्रमाणपत्र और सम्मानित किया गया। इस प्रकार, बहु-अकबरपुर में शिक्षा भारती विद्यालय ने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में एक मिसाल कायम की।
इस आयोजन ने स्थानीय लोगों और विद्यार्थियों को देशभक्ति, साहस और नेतृत्व के गुण सिखाने का काम किया। आयोजकों ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
