कैथल में बोले अनिल विज: “सीएम पद से कोई मोह नहीं, 35 साल से विधायक हूं लेकिन कभी दावा नहीं किया”
हरियाणा की राजनीति में अपनी साफगोई और बेबाक अंदाज़ के लिए जाने जाने वाले कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। कैथल में अपने दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने साफ कहा कि उन्हें कभी भी मुख्यमंत्री बनने की इच्छा नहीं रही और न ही उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी इस पद का दावा किया। विज के इस बयान ने राज्य की राजनीति में एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है।
सीएम पद से कोई मोह नहीं, न पहले था न अब है”
मंत्री अनिल विज ने कहा कि वे पार्टी में सीनियर मोस्ट विधायक हैं और यह स्थिति पहले भी थी और आज भी बनी हुई है। इसके बावजूद उन्होंने कभी सीएम बनने की इच्छा व्यक्त नहीं की। विज ने कहा:
“मैं 35 साल से विधायक हूं, लेकिन मैंने कभी मुख्यमंत्री का दावा नहीं किया। जिंदगी में आज तक सीएम बनने की कोई इच्छा नहीं रखी। न ही मैंने किसी से कुछ मांगा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि जब भी चुनाव होते हैं, आमतौर पर सभी विधायक दिल्ली जाकर मुलाकातें करते हैं, लेकिन वे कभी भी इस प्रक्रिया का हिस्सा नहीं रहे।
“कोई मंत्री पद लेने दिल्ली जाता है, कोई विभाग लेने”
एक वायरल वीडियो में मंत्री विज ने कहा कि कई लोग चुनावों के बाद दिल्ली जाकर अपने लिए मंत्री पद या विभाग मांगते हैं, लेकिन वे इस संस्कृति से दूर रहते हैं। उन्होंने कहा:
“कोई मंत्री पद लेने दिल्ली जाता है, कोई विभाग लेने जाता है। मैं आज तक इस तरह दिल्ली नहीं गया। जब मुख्यमंत्री का पद तय हो रहा था, तब भी मैं अंबाला कैंट में ही था।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री किसे बनाना है, यह हमेशा पार्टी का निर्णय होता है और वे पार्टी अनुशासन का सम्मान करते हैं।
“सीनियर मोस्ट हूं, लेकिन कभी कहा नहीं कि मुझे सीएम बनाया जाए”
अनिल विज ने बताया कि उनसे मीडिया ने कई बार पूछा कि सभी विधायक दिल्ली गए हैं, लेकिन वे क्यों नहीं गए। इस पर विज ने जवाब दिया:
“मैं पहले भी सीनियर मोस्ट था और आज भी हूं, लेकिन मैंने कभी नहीं कहा कि मुझे सीएम बनाओ। यह पार्टी का अधिकार है, न कि व्यक्तिगत मांग का मुद्दा।”
उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी के भीतर उन्हें हमेशा यह शिक्षा मिली है कि “डोंट डिजर्व” यानी मांगने की राजनीति न करें।
“बचपन से यही सिखाया — राजनीति में मांगना नहीं”
मंत्री विज ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत को याद करते हुए कहा:
“जब मैं राजनीति में बच्चा था, तब मुझे यही सिखाया गया कि पद या लाभ के लिए मांग मत करो। यह बात मेरे दिमाग में बचपन से छपी है, अब उसे मिटाया नहीं जा सकता। मैं उसी नीति पर चलता हूं और आगे भी चलता रहूंगा।”

उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान जनता की सेवा और अपने विभागीय कार्यों पर रहता है, न कि पदों की दौड़ पर।
राजनीति में विनम्रता की मिसाल पेश की: स्थानीय लोग
कैथल के स्थानीय लोगों का कहना है कि अनिल विज की बयानबाजी अक्सर चर्चा का विषय बनती है, लेकिन इस बार उनके शब्दों ने राजनीति में विनम्रता का उदाहरण दिया है। विज भले ही हरियाणा राजनीति के सबसे वरिष्ठ और प्रभावशाली विधायकों में गिने जाते हैं, लेकिन अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली और स्पष्टवादिता के लिए भी जाने जाते हैं।
पार्टी उच्च नेतृत्व ही तय करता है मुख्यमंत्री
मंत्री ने फिर दोहराया कि भाजपा में मुख्यमंत्री का चयन पार्टी की उच्च कमेटी करती है और वे उसी निर्णय का सम्मान करते हैं। इस बयान को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और संभावित बदलावों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
विज के अनुसार, पार्टी के आदेश ही सर्वोपरि हैं और उनका लक्ष्य सिर्फ और सिर्फ जनता की सेवा करना है।
