हरियाणा के हिसार जिले को हिला देने वाले कनोह डबल मर्डर केस में करीब ढाई साल बाद आखिरकार कोर्ट का फैसला आ गया है। अग्रोहा ब्लॉक के गांव कनोह में पति-पत्नी की बेरहमी से हत्या करने के मामले में एडिशनल सेशंस जज (एडीजे) निशांत शर्मा की अदालत ने बुधवार को चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
उम्रकैद की सजा पाने वालों में जसबीर उर्फ काला, रूपचंद, मनदीप और कुलवंत शामिल हैं। कोर्ट ने चारों दोषियों पर 27-27 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
कैसे हुई थी रंजिश की शुरुआत?
कनोह निवासी रामचंद्र ने उसी गांव की जसबीर की तलाकशुदा पत्नी रेणू से विवाह कर लिया था। रेणू पहले जसबीर के साथ रहती थी और दोनों के दो बच्चे भी थे। तलाक के बाद रेणू अपने मायके आ गई थी और फिर रामचंद्र के साथ रहने लगी।
हालांकि रेणू गांव में ही रहती थी, जिसके कारण दोनों बच्चों का अपनी मां से मिलना-जुलना होता था। जब भी बच्चे रेणू को देखते तो भावुक होकर रोने लगते। यह स्थिति जसबीर को बर्दाश्त नहीं थी।
धीरे-धीरे जसबीर के मन में रामचंद्र और रेणू के प्रति गहरी नफरत बैठ गई। इस दौरान कई बार दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था।
क्या हुआ था 2 मई 2023 की शाम?
2 मई 2023 की शाम करीब 7:30 बजे रामचंद्र और रेणू बाइक से खेतों की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर पहुंचे, पीछे से आई एक पिकअप गाड़ी ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर लगते ही दोनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पिकअप में बैठे चार लोग नीचे उतरे, जिनके हाथ में कुल्हाड़ियां थीं।
पहले रेणू पर वार, फिर खेतों में रामचंद्र की हत्या
गिरते ही हमलावरों ने सबसे पहले सड़क पर पड़ी रेणू पर हत्या का हमला शुरू कर दिया। यह दृश्य देखकर रामचंद्र चिल्लाते हुए खेतों की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने उसका पीछा किया और खेतों में जाकर उसकी भी निर्मम हत्या कर दी।

हमलावरों ने दोनों के शरीर पर कई बार कुल्हाड़ी से वार करके उन्हें मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर पिकअप मौके पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए।
3 मई 2023 को दर्ज हुआ था केस
अग्रोहा पुलिस ने 3 मई 2023 को कनोह निवासी जगबीर की शिकायत पर
हत्या (302 IPC)
हत्या की साजिश (120B IPC)
आदि धाराओं में केस दर्ज किया था।
पुलिस जांच में साफ हुआ कि इस हत्या की मुख्य वजह पुरानी रंजिश, रेणू से जुड़ा पारिवारिक विवाद और इंटरकास्ट विवाह था।
तलाक के बाद जसबीर ने नहीं की थी दूसरी शादी
महत्वपूर्ण बात यह रही कि तलाक के बाद जसबीर ने दोबारा शादी नहीं की।
जब भी बच्चे अपनी मां रेणू को गांव में देखते, वे उससे मिलने को बेचैन हो जाते। यह बात जसबीर को अंदर ही अंदर चोट पहुंचाती थी।
समय के साथ यह नाराजगी नफरत में बदल गई और उसने अपने मौसरे भाइयों के साथ मिलकर इस वारदात की योजना बना ली।
अब मिला न्याय: चारों को उम्रकैद
लगभग ढाई साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने माना कि हत्या पूर्वनियोजित और बेहद क्रूर तरीके से की गई थी।
कनोह गांव में इस फैसले के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। पीड़ित परिवार ने भी कोर्ट के निर्णय का स्वागत किया है और कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने का एहसास हुआ है।
