देशभर में वैश्य समाज के सबसे बड़े धार्मिक स्थलों में से एक अग्रोहा धाम में आज से सप्ताहभर चलने वाली श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। कथा की शुरुआत बेहद भव्य तरीके से हुई, जिसमें 1008 महिलाओं ने कलश यात्रा निकालकर माहौल को धार्मिक रंगों से भर दिया। यह आयोजन अग्रोहा धाम वैश्य समाज के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग के नेतृत्व में संपन्न हुआ। बैंड-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा में महिलाओं के साथ-साथ हजारों श्रद्धालुओं ने भी भाग लिया।
कथा वाचन के लिए पहुंचे बृज रतन त्रिलोक महाराज
कथा वाचन का दायित्व वृंदावन के प्रसिद्ध कथा वाचक बृज रतन त्रिलोक महाराज निभा रहे हैं, जिनकी मधुर वाणी और गूढ़ आध्यात्मिक संदेशों ने कार्यक्रम की शुरुआत से ही भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के पहले दिन महाराज ने भागवत महात्म्य बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। उन्होंने बताया कि भागवत मनुष्य को मोह, क्रोध और अहंकार से दूर रहकर ईश्वर भक्ति के मार्ग पर चलना सिखाती है।
बजरंग गर्ग ने बताया— भागवत जीवन का सार
राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि भागवत कथा व्यक्ति को आंतरिक शांति, खुशी और संतोष की ओर ले जाती है। उन्होंने बताया कि कथा केवल धर्म का संदेश नहीं देती, बल्कि जीवन में आने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना धैर्य और भक्ति के साथ करने का मार्ग भी दिखाती है।
इस अवसर पर कथा में आए हुए अतिथियों को बजरंग गर्ग ने स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित भी किया।
समाज के प्रतिनिधियों की भारी मौजूदगी
कथा आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारियों और भक्तों ने भाग लिया।
इसमें प्रमुख रूप से—
सुभाष चन्द्र गर्ग, पवन बंसल, बजरंग असरावां, अमित बंसल, तरुण गर्ग, अरुण गर्ग, राजेश गुप्ता, किशन गोपाल गर्ग, आनंद गर्ग, अनिल गोयल, सीताराम सिंगला, रवि सिंगला, श्री भगवान मित्तल, विजय अग्रवाल, मनीष अग्रवाल, सुमित अग्रवाल, राजेश मित्तल, महेश अग्रवाल, मनोज सांगला और संदीप कुमार शामिल रहे।

4 दिसंबर को भव्य भजन संध्या
अग्रोहा धाम में 4 दिसंबर को पूर्णिमा के अवसर पर भव्य भजन समारोह, छप्पन भोग, सवामणी और विशाल भंडारा आयोजित किया जाएगा। भक्तों के लिए यह दिन विशेष आध्यात्मिक वातावरण लेकर आएगा। वहीं 5 दिसंबर को कथा समापन के बाद हवन-पूजन और भंडारा आयोजित किया जाएगा।
अग्रोहा धाम में सौंदर्यीकरण और विकास कार्य जारी
बजरंग गर्ग ने बताया कि अग्रोहा धाम में बांके बिहारी जी के मंदिर और झांकियों का सौंदर्यीकरण कार्य तेज गति से चल रहा है। यहां पहले से ही सभी प्रमुख देवी-देवताओं के भव्य मंदिर बने हुए हैं।
अग्रोहा धाम वैश्य समाज का प्रमुख सांस्कृतिक धाम है, जिसमें—
- महाराजा अग्रसेन जी का विशाल मंदिर
- अग्रवाल समाज के 18 गोत्रों वाला भव्य मंदिर
- माता वैष्णो देवी और अमरनाथ जी की 400 मीटर लंबी कृत्रिम गुफा
भी शामिल हैं।
इसके साथ ही अग्रोहा धाम के अप्पू घर का विस्तार भी किया जा रहा है, जिसमें बच्चों और युवाओं के लिए नए झूले और मनोरंजन सुविधाएं जोड़ी जाएंगी।
धार्मिक और सांस्कृतिक संदेश का केंद्र बनेगा आयोजन
7 दिनों तक चलने वाली यह कथा न केवल आध्यात्मिक जागृति का माध्यम बनेगी, बल्कि समाज को एकजुट करने का भी एक बड़ा मंच साबित होगी। देशभर से श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, जिससे अग्रोहा धाम इन दिनों भक्ति और उत्साह का केंद्र बना रहेगा।
