अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी, आदमपुर की ओर से किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर तहसील परिसर में चल रहा धरना मंगलवार को लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने हरियाणा सरकार पर उनकी जायज़ मांगों की अनदेखी करने और नहरों में जानबूझकर पानी न छोड़ने का गंभीर आरोप लगाया।
धरने की अध्यक्षता ओमप्रकाश फगेड़िया और रोहताश सिवाच ने संयुक्त रूप से की, जबकि संचालन तहसील सचिव सतबीर सिंह धायल ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार एक सोची-समझी रणनीति के तहत किसानों को नुकसान पहुंचा रही है। खरीफ 2025 की बुवाई के समय नहरों में पानी बंद कर दिया गया था और अब रबी फसलों की बुवाई के दौरान भी पानी नहीं छोड़ा जा रहा, जिससे किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।
सतबीर धायल ने किसानों की प्रमुख मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि जलभराव, सेम तथा अतिवृष्टि से नष्ट हुई फसलों का बीमा और मुआवजा, सभी फसलों की सरकारी खरीद, खाद की पूरी सप्लाई, खेत मजदूरों को उचित मुआवजा, दरक चुके मकानों का मुआवजा, मनरेगा का बकाया भुगतान और टावरों का मुआवजा शामिल हैं।

किसानों ने कहा कि सरकार उनकी फसल को एमएसपी पर नहीं खरीद रही और निजी व्यापारियों को औने-पौने दामों पर लाभ लेने दिया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगें नहीं मानीं, तो संयुक्त किसान मोर्चा एवं अन्य जन संगठनों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
धरने को संबोधित करने वालों में तहसील प्रधान कपूर सिंह बगला, उपप्रधान गुलाब पूनिया, सहसचिव सतपाल श्योराण, वरिष्ठ युवा किसान नेता संदीप बैनीवाल, पूर्व प्रधान भूप सिंह बिजारनिया और कमेटी सदस्य अशोक सिवर शामिल थे। सभी ने एक स्वर में कहा कि आंदोलन को और तेज किया जाएगा और सरकार को किसानों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना होगा।
इस धरने से स्पष्ट संदेश गया है कि आदमपुर के किसान अपनी जायज़ मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं और उनकी चेतावनी गंभीरता से ली जानी चाहिए।
