हिसार जिले के गांव हिंदवान में गंदे पानी की निकासी को लेकर हुए विवाद में बीटेक पास छात्र नवीन की हत्या के मामले में पुलिस ने दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 11 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। घटना के बाद ग्रामीणों ने रोड जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की थी।
हिसार जिले के गांव हिंदवान में 14 जून को गंदे पानी की निकासी को लेकर हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। इस दौरान 33 वर्षीय नवीन की हत्या कर दी गई थी, जो बीटेक पास होने के बाद फार्मेसी की पढ़ाई कर रहा था।
मामले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अब दो और महिला आरोपियों — सुकमा और सुमित्रा को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारी एसआई प्रदीप के अनुसार, दोनों महिलाएं वारदात के समय मौके पर मौजूद थीं और उन्होंने हत्या में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
अब तक इस केस में कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

17 जून को किया गया था रोड जाम
हत्या के बाद मृतक नवीन के परिजनों और ग्रामीणों ने 17 जून को बालसमंद-भादरा रोड पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था।
ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ने पर डीएसपी सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाया।
गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद लगभग दो घंटे बाद जाम खोला गया और फंसे वाहनों को निकाला गया।
क्या था मामला
14 जून की शाम को गांव हिंदवान में दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ।
झगड़े में नवीन, सावित्री और राजबीर को धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से गंभीर चोटें आईं।
तीनों को इलाज के लिए हिसार अस्पताल ले जाया गया, जहां नवीन ने दम तोड़ दिया।
पीड़ित पक्ष के प्रताप सिंह ने बताया कि 25 मई को नाली की सफाई को लेकर कृष्ण, छोटू, महेंद्र, नरेश आदि से कहासुनी हुई थी।
हालांकि तब मामला सुलझा लिया गया था, लेकिन 14 जून की सुबह फिर से झगड़ा भड़क गया।
शाम करीब 6:30 बजे नवीन टहलने निकला तो कुछ देर बाद “मार दिया, मार दिया” की आवाज आई।
आरोप है कि करीब 15-20 लोगों ने, जिनमें चार महिलाएं भी शामिल थीं, नवीन पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
