हरियाणा में कांग्रेस ने बड़बोले नेताओं की जुबान पर लगाम कसने की तैयारी कर ली है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) की ओर से हरियाणा कांग्रेस ने नई डिसीप्लीनरी (अनुशासन) एक्शन कमेटी गठित की है। बिहार चुनाव के बीच अचानक यह सूची जारी कर पार्टी ने संगठन के भीतर अनुशासनहीनों के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश की है।
नई समिति में पूर्व सांसद और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके धर्मपाल मलिक को चेयरमैन बनाया गया है। इसके अलावा अकरम खान, पूर्व सांसद कैलाशो सैनी, पूर्व विधायक अनिल धन्तौड़ी और एडवोकेट रोहित जैन को सदस्य बनाया गया है। रोहित जैन को समिति का सचिव (सेक्रेटरी) भी नियुक्त किया गया है। कांग्रेस ने यह लिस्ट मंगलवार देर शाम जारी की।
कांग्रेस ने सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की
कांग्रेस ने अनुशासन समिति में जाट, ओबीसी, दलित, मुस्लिम और वैश्य समाज का तालमेल बनाने की कोशिश की है।
धर्मपाल मलिक और कैलाशो सैनी हुड्डा खेमे से,
अनिल धन्तौड़ी सुरजेवाला खेमे से,
जबकि अकरम खान और रोहित जैन सैलजा गुट से जुड़े हैं।

पहले बनी कमेटी नहीं कर पाई थी खास काम
इससे पहले भी कांग्रेस ने 2 साल पहले अनुशासन एक्शन कमेटी बनाई थी, जिसका नेतृत्व महेंद्र प्रताप को दिया गया था।
उसमें फूलचंद मुलाना, जगबीर मलिक और चक्रवर्ती शर्मा सदस्य थे, लेकिन वह कमेटी ज्यादा सक्रिय नहीं रही।
अब कांग्रेस ने नए सिरे से अनुशासन लागू करने के लिए यह नई कमेटी बनाई है।
धर्मपाल मलिक: देवीलाल को हराकर चर्चा में आए थे
सोनीपत जिले के गोहाना के बिधल गांव में जन्मे एडवोकेट धर्मपाल मलिक 1984 में सांसद बने।
उन्होंने 1984 के लोकसभा चुनाव में ताऊ देवीलाल को हराकर सुर्खियां बटोरीं।
बाद में 1989 में कपिल देव शास्त्री से हारे, लेकिन 1991 में उन्हें हराकर फिर जीत दर्ज की।
2005 में वे गोहाना से विधायक भी बने। 2008 के उपचुनाव के बाद उन्होंने चुनावी राजनीति से दूरी बना ली।
अनिल धन्तौड़ी: भाजपा से लौटे कांग्रेसी नेता
पूर्व विधायक अनिल धन्तौड़ी 2022 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए, लेकिन जल्द ही वापस कांग्रेस में लौट आए।
धन्तौड़ी कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता और शाहाबाद से विधायक रह चुके हैं।
उन्होंने पार्टी छोड़ते समय सोनिया गांधी को इस्तीफा पत्र भी भेजा था और सोशल मीडिया पर “अलविदा कांग्रेस” लिखा था।
कैलाशो सैनी: भाजपा छोड़कर फिर कांग्रेस में लौटीं
कुरुक्षेत्र से सांसद रह चुकी कैलाशो सैनी ने 2024 लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन की।
वे पहले भी कांग्रेस में रह चुकी थीं, बाद में भाजपा में गईं और फिर हुड्डा व उदयभान की मौजूदगी में दोबारा पार्टी में शामिल हो गईं।
अकरम खान: भाजपा मंत्री को हराने वाले नेता
यमुनानगर के खिजरी गांव निवासी अकरम खान ने 2024 विधानसभा चुनाव में भाजपा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को 6,781 मतों से हराया।
अकरम खान पहले इनेलो और बसपा में रह चुके हैं।
वे अब कांग्रेस में हैं और कुमारी सैलजा के करीबी नेता माने जाते हैं।
रोहित जैन: छात्र राजनीति से कांग्रेस तक
अंबाला सिटी के एडवोकेट रोहित जैन छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय हैं।
वे 2019 लोकसभा चुनाव में कुमारी सैलजा के इलेक्शन एजेंट रहे।
2019 से 2022 तक हरियाणा कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रहे और पार्टी की मैनिफेस्टो कमेटी के सदस्य भी रहे।
उनके पिता एसके जैन 7 बार अंबाला बार एसोसिएशन के प्रधान रहे हैं, जबकि मां किरण बाला भी कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता हैं।
