हिसार जिले के हांसी में सूर्य उपासना के महापर्व छठ पूजा का तीसरा दिन सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में देखा गया। शाम के समय व्रती महिलाओं ने अस्त होते सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया और परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य और मंगल की कामना की। शहर की मुख्य नहर और नेहरू पार्क के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
उमरा रोड पर बनाए गए घाट पर महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी पहुंचीं। उन्होंने सूप-दौरा, कलश, फल-फूल और ठेकुआ प्रसाद के साथ सूर्य देव की पूजा-अर्चना की। छठ गीतों की मधुर धुन और “जय छठी मैया” के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बच्चों ने भी पारंपरिक वेशभूषा पहनकर माहौल में और रौनक भर दी।
प्रशासन ने किए पुख्ता इंतजाम

छठ पर्व को देखते हुए हांसी प्रशासन ने सुरक्षा, सफाई और प्रकाश व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए। नगर परिषद, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरे दिन सक्रिय रहीं। नहर किनारे बने अस्थायी घाटों पर बैरिकेडिंग की गई और महिला पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मंगलवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर होगा समापन
छठ महापर्व का समापन मंगलवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ होगा। इसके बाद व्रती महिलाएं निर्जला व्रत तोड़कर प्रसाद ग्रहण करेंगी और परिवारजनों को आशीर्वाद देंगी।
छठ पर्व ने हांसी में धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की झलक पेश की। कई सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं को फल, जल और प्रसाद वितरण में सहयोग कर सेवा का संदेश दिया।
