हिसार के बालसमंद में स्थित चौधरी भजनलाल राजकीय महाविद्यालय पिछले 7 सालों से प्राइमरी स्कूल के दो कमरों में चल रहा है। 400 से अधिक विद्यार्थी बिना सुविधाओं के पढ़ाई कर रहे हैं। शिलान्यास के डेढ़ साल बाद भी बिल्डिंग निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ।
हिसार जिले के बालसमंद गांव में स्थित चौधरी भजनलाल राजकीय महाविद्यालय पिछले सात सालों से एक प्राइमरी स्कूल के दो कमरों में संचालित हो रहा है। इस कॉलेज में वर्तमान में 400 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो पर्याप्त जगह मिल पा रही है और न ही मूलभूत सुविधाएं।
यह कॉलेज वर्ष 2018 में शुरू हुआ था और पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के नाम पर इसका नामकरण बिश्नोई परिवार ने करवाया था। लेकिन नामकरण के बावजूद आज तक कॉलेज की अपनी इमारत नहीं बन पाई।
इसी साल 7 मार्च 2024 को कॉलेज भवन के निर्माण के लिए शिलान्यास किया गया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 20 करोड़ 72 लाख रुपये की लागत से बनने वाली नई बिल्डिंग की नींव रखी थी। बावजूद इसके, डेढ़ साल का समय बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।
कॉलेज में सुविधाओं की कमी के कारण विद्यार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। यही वजह है कि छात्रों की कमी से बीकॉम स्ट्रीम को बंद करना पड़ा। ग्रामीणों ने कई बार सरकार से कॉलेज भवन के निर्माण की मांग की है और इस संबंध में मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी गुहार लगाई है।

फिलहाल कॉलेज की कक्षाएं गांव के ही प्राइमरी स्कूल में लग रही हैं, जहां कमरों की संख्या, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। छात्रों का कहना है कि यदि जल्द ही कॉलेज भवन का निर्माण नहीं हुआ, तो उनकी पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित होगी।
