हरियाणा में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाने की तैयारी जोरों पर है। अनुमान है कि यह बैठक नवंबर के पहले सप्ताह में होगी। यह बैठक पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के कांग्रेस विधायक दल का नेता बनने और पूर्व मंत्री राव नरेंद्र सिंह के प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद हो रही है।
बैठक में न केवल विधायक दल के सभी सदस्य शामिल होंगे, बल्कि इसमें पूर्व विधायक, वरिष्ठ नेता और अन्य कांग्रेसी पदाधिकारी भी हिस्सा ले सकते हैं। बैठक का उद्देश्य पार्टी की आगामी रणनीति और संगठनात्मक दिशा तय करना है।
पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार किसी भी समय विधानसभा सत्र बुला सकती है, इसलिए पार्टी पहले से ही तैयारियां कर रही है। शीतकालीन सत्र में कई ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सरकार पूरी तरह से फेल रही है। ऐसे में विपक्ष की जिम्मेदारी है कि वह इन मुद्दों को विधासनसभा सत्र में प्रमुखता से उठाए और जनता के हित की बात करे।
बैठक के एजेंडें:
- विधायक दल की भूमिका और संगठन सुधार
- चुनावी तैयारियां और रणनीति
- सभी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के सुझावों के साथ रणनीति निर्माण

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, यह बैठक पार्टी की रणनीतिक स्थिति को नया आकार देने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। यह बैठक हरियाणा कांग्रेस के लिए इसलिए भी ऐतिहासिक मानी जा रही है क्योंकि यह हुड्डा और राव के नेतृत्व में पहली बड़ी बैठक होगी।
कुमारी सैलजा का बयान:
पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद कुमारी सैलजा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लागू मोटर व्हीकल एक्ट अब आम जनता के लिए आर्थिक उत्पीड़न का कानून बन गया है। उन्होंने मांग की कि इस कानून में प्रदूषण प्रमाण पत्र (पीयूसी) से संबंधित चालानों की राशि को तुरंत तर्कसंगत बनाया जाए। सैलजा ने कहा कि हरियाणा समेत देशभर में दोपहिया वाहन चालकों पर 10,000 से 15,000 रुपए तक के प्रदूषण चालान काटे जा रहे हैं जो पूरी तरह अनुचित और अमानवीय हैं।
