हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी पैतृक जमीन बेच दी। जमीन बेचने से मिले 1 करोड़ रुपए उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष में दान करने का ऐलान किया। खट्टर ने यह जमीन रोहतक के बनियानी गांव में अपने भाई की पत्नी के नाम रजिस्ट्री करवाई।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने पैतृक गांव बनियानी (रोहतक) में स्थित जमीन बेच दी है। इस जमीन के बदले में मिले एक करोड़ रुपए को उन्होंने प्रधानमंत्री राहत कोष (PM Relief Fund) में जमा कराने का ऐलान किया है।
अपने भाई की पत्नी को बेची जमीन
जानकारी के अनुसार, मनोहर लाल खट्टर के परिवार की पैतृक जमीन में से डेढ़ एकड़ जमीन उनके हिस्से में आई थी। उन्होंने यह जमीन एक करोड़ रुपए में अपने भाई की पत्नी के नाम बेच दी।
जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया गुरुवार को रोहतक तहसील में पूरी की गई। इस दौरान खट्टर स्वयं तहसील कार्यालय पहुंचे और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कीं।
दोपहर 11 बजे पहुंचे तहसील कार्यालय
केंद्रीय मंत्री खट्टर दोपहर करीब 11 बजे रोहतक तहसील पहुंचे। उनके साथ उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे।
रजिस्ट्री पूरी होने के बाद उन्होंने फोटो खिंचवाया और जमीन को अपने भाई की पत्नी के नाम दर्ज कराया।
खट्टर ने कहा —

“मैं चाहता हूं कि इस पैसे का उपयोग जरूरतमंदों की सहायता में किया जाए, इसलिए इसे प्रधानमंत्री राहत कोष में जमा कराया जाएगा।”
पुश्तैनी घर दान किया पुस्तकालय के लिए
इससे पहले भी मनोहर लाल खट्टर ने अपने पैतृक घर को ‘मां शांति देवी पुस्तकालय’ के नाम दान किया था।
यह पुस्तकालय गांव बनियानी में स्थापित किया जा रहा है, जहां ग्रामीण इलाकों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए संसाधन और अध्ययन का माहौल मिलेगा।
5 साल में बढ़ी आमदनी, संपत्ति 2.54 करोड़ बताई
लोकसभा चुनाव के लिए दाखिल किए गए शपथ पत्र के अनुसार, खट्टर की आमदनी पिछले पांच सालों में करीब 6 लाख रुपए बढ़ी है।
उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 2.54 करोड़ रुपए बताई है, जिसमें लगभग 40 लाख रुपए की कृषि भूमि और घर शामिल हैं।
वर्तमान में खट्टर करनाल लोकसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार हैं और केंद्र सरकार में बिजली मंत्री का कार्यभार संभाल रहे हैं।
