भिवानी पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के निर्देशानुसार, अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना साइबर क्राइम भिवानी की टीम ने पिछले 21 दिनों में जिले के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों में जाकर विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया।
टीम ने लोगों को बताया कि आजकल साइबर फ्रॉड के कई नए तरीके सामने आ रहे हैं, जिनमें बैंक कॉल्स, फर्जी लिंक, लोन ऐप, सोशल मीडिया हैकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग स्कैम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सतर्क करते हुए कहा कि सतर्कता ही सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।

पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराए। समय पर सूचना देने से आर्थिक नुकसान से बचा जा सकता है।
भिवानी पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या संदेश पर अपनी निजी या बैंक जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
एसपी सुमित कुमार ने कहा कि ऐसे जागरूकता अभियान नागरिकों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की दिशा में एक अहम कदम हैं और इससे साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
पुलिस ने बताए प्रमुख साइबर फ्रॉड के तरीके:
- फर्जी KYC अपडेट कॉल या लिंक भेजकर ठगी
- सोशल मीडिया प्रोफाइल हैकिंग और नकली अकाउंट बनाकर पैसे मांगना
- लोन एप फ्रॉड व मोबाइल ऐप्स से डेटा चोरी
- इन्वेस्टमेंट/ट्रेडिंग एप्स के जरिए ऊंचे मुनाफे का लालच देकर ठगी
- ऑनलाइन शॉपिंग और गिफ्ट कार्ड स्कैम
- फिशिंग ईमेल व फर्जी वेबसाइट से बैंक डिटेल चोरी
- फर्जी जॉब ऑफर या पार्ट-टाइम जॉब स्कैम
- फेक टेक सपोर्ट कॉल्स या ग्राहक सेवा ठगी
- बिजली बिल या कुरियर लिंक के जरिए मोबाइल से पैसा ट्रांसफर करवाना
