पंजाब कांग्रेस की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना और पूर्व डीजीपी (ह्यूमन राइट्स) मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण को लेकर शमशुद्दीन चौधरी निवासी मॉडल टाउन, मालेरकोटला (पंजाब) ने पंचकूला पुलिस आयुक्त को एक लिखित शिकायत देकर तुरंत और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि अकील अख्तर ने अपनी मौत से पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपने पिता, मां और पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे।
पिता-पत्नी के बीच अवैध संबंधों का दावा
शिकायतकर्ता शमशुद्दीन चौधरी ने बताया कि वीडियो में अकील ने यह दावा किया था कि उसने अपने पिता और पत्नी के बीच अवैध संबंधों का खुलासा किया था, जिसके बाद पूरा परिवार उसे फंसाने और जान से मारने की साजिश रच रहा था।
अकील ने अपने वीडियो में यह भी आशंका जताई थी कि उसकी हत्या की जा सकती है, और अब उसकी अचानक हुई मौत ने उन आशंकाओं को सही साबित कर दिया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मामला स्पष्ट रूप से फाउल प्ले (संदिग्ध मृत्यु) का प्रतीत होता है।
कमिश्नर से निष्पक्ष जांच की मांग

शमशुद्दीन चौधरी ने पुलिस कमिश्नर से मांग की है कि अकील अख्तर की मौत की व्यापक जांच की जाए, जिसमें सोशल मीडिया वीडियो, डिजिटल साक्ष्य, कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार के सदस्यों या सहयोगियों की भूमिका की गहराई से जांच शामिल हो।
उन्होंने कहा कि केवल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आएगी और मृतक को न्याय मिल सकेगा।
