पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार से टलकर अब शनिवार को होगी। केस और ट्रायल दोनों अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में चलेंगे।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुनवाई अब शनिवार तक टल गई है। शुक्रवार को केस की सुनवाई होनी थी, लेकिन अब यह मामला अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में सुना जाएगा। इसी अदालत में आगे ट्रायल भी चलेगा।
इससे पहले ज्योति का केस अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश गगनदीप मित्तल की कोर्ट में ट्रांसफर हुआ था और 19 नवंबर को अगली सुनवाई की तारीख तय की गई थी। आज जब जमानत याचिका पर बहस होनी थी, तब न्यायाधीश डॉ. परमिंदर कौर ने केस अपने पास ट्रांसफर करवा लिया और जरूरी दस्तावेज मंगवाए।
ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि अब जमानत और ट्रायल दोनों डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में होंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जो गंभीर धाराएं लगाई हैं, चार्जशीट में उनका कोई ठोस सबूत नहीं दिया गया है। इसी आधार पर जमानत की मांग की गई है।
ज्योति के वकील के तीन प्रमुख तर्क:
- कोई गोपनीय दस्तावेज नहीं भेजे गए:
कुमार मुकेश ने कहा कि सीक्रेट एक्ट की धारा 3 तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति डिफेंस से जुड़ी जानकारी या प्लान साझा करे। लेकिन पुलिस ने ऐसा कोई सबूत नहीं दिया। चार्जशीट में यह नहीं बताया गया कि ज्योति ने कौन-सा प्रतिबंध तोड़ा। - पुलिस को कोई सीक्रेट सामग्री नहीं मिली:
वकील के अनुसार, पुलिस ने ज्योति से कोई गोपनीय दस्तावेज या सामग्री बरामद नहीं की। अगर किसी सरकारी गोपनीयता का उल्लंघन भी होता है, तो उसकी अधिकतम सजा 3 साल है, जबकि पुलिस ने 14 साल की धारा लगा दी। - पाक एजेंट से केवल नंबर मिला, बातचीत नहीं:
पुलिस का दावा है कि ज्योति के फोन में पाक एजेंट शाकिर का नंबर था, लेकिन कोई चैट या कॉल रिकॉर्ड नहीं मिली। वकील ने कहा कि दानिश से ज्योति की मुलाकात केवल वीजा प्रक्रिया के लिए होती थी।
केस की जांच और चार्जशीट की स्थिति:
पुलिस ने 90 दिन की जांच पूरी करने के बाद 14 अगस्त को चार्जशीट दाखिल की थी।
- 25 अगस्त को ज्योति को कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन पुलिस ने पूरी चार्जशीट की कॉपी न देने की अर्जी लगाई थी।
- इसके बाद 16 सितंबर को कोर्ट ने वकील को संशोधित चार्जशीट की कॉपी देने का आदेश दिया।
- अब केस की सुनवाई और ट्रायल दोनों अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. परमिंदर कौर की अदालत में चलेंगे।
हिसार पुलिस के आरोप:
- पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑफिसर्स से संपर्क:
हिसार SP शशांक कुमार सावन के अनुसार, ज्योति पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑफिसर्स (PIOs) से संपर्क में थी और कुछ सूचनाएं साझा की थीं। - सैन्य जानकारी तक पहुंच नहीं:
SP ने यह भी बताया कि ज्योति की किसी सैन्य या रणनीतिक जानकारी तक पहुंच नहीं थी, और अभी फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। - आतंकी संगठन से कोई लिंक नहीं:
जांच में यह बात भी सामने आई कि ज्योति का किसी आतंकी संगठन से कोई संबंध नहीं था, न ही किसी धर्म परिवर्तन या विवाह जैसी बात की पुष्टि हुई।

