रोहतक के लाखनमाजरा में बॉस्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत मामले में पिता संदीप राठी की शिकायत पर लोक सेवकों और ठेकेदारों के खिलाफ FIR दर्ज। जंग लगे पोल और समय पर मरम्मत न होने को बताया गया हादसे का कारण।
रोहतक के ब्लॉक लाखनमाजरा में बॉस्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक राठी की मौत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। खिलाड़ी के पिता संदीप राठी ने खेल प्रबंधन में भारी लापरवाही का आरोप लगाते हुए लोक सेवकों और ठेकेदारों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दायर की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अभ्यास के दौरान हादसा—जंग लगे पोल के कारण गई जान
संदीप राठी ने अपनी शिकायत में बताया कि उनका बेटा हार्दिक राठी 25 नवंबर को खेल स्टेडियम में नियमित रूप से बॉस्केटबॉल अभ्यास कर रहा था। इसी दौरान कोर्ट के अंदर लगा पोल टूटकर उस पर गिर गया। हार्दिक की मौके पर ही गंभीर हालत हो गई और बाद में उसकी मौत हो गई।
शिकायत में कहा गया कि
- बॉस्केटबॉल कोर्ट के पोल लंबे समय से जंग लगे हुए थे
- मरम्मत के लिए कई बार अनुरोध किया गया
- लेकिन विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई
यह लापरवाही सीधे तौर पर इस हादसे के लिए जिम्मेदार है।

18.50 लाख की सांसद ग्रांट भी नहीं लगाई गई
संदीप राठी ने आरोप लगाया कि कोर्ट की मरम्मत के लिए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने 18 लाख 50 हजार रुपये की ग्रांट जारी की थी, लेकिन यह राशि भी कभी कोर्ट में खर्च नहीं की गई।
न तो पोल बदले गए, न ही कोर्ट की मरम्मत की गई।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि
यदि समय पर मरम्मत हो जाती, तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।
ठेकेदार और अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध
हार्दिक के पिता ने आरोप लगाया कि कोर्ट में स्थापित पोल घटिया गुणवत्ता के थे और उन्हें लगाने में मानकों की अनदेखी की गई। पोल लगाने वाले ठेकेदार की भूमिका और उनकी निगरानी करने वाले सरकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी की जांच की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा—
“जवान बेटे की मौत से मेरा होश खो गया था, लेकिन अब मैं चाहता हूं कि जिम्मेदारों को सख्त सजा मिले।”
निरीक्षण नहीं, मरम्मत नहीं—लापरवाही का पूरा सिलसिला
शिकायत में कहा गया कि
- जिन लोक सेवकों की ड्यूटी मरम्मत और निरीक्षण की थी
- उन्होंने पूरे साल अपना दायित्व नहीं निभाया
- कोर्ट को समय-समय पर चेक नहीं किया गया
- खराब पोल को बदलने या मजबूत करने की कोई कार्रवाई नहीं हुई
इस घोर लापरवाही के कारण जान गई, इसलिए आरोपियों पर आपराधिक लापरवाही का केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की
लाखनमाजरा थाना एसएचओ समरजीत सिंह ने पुष्टि की कि हार्दिक राठी के पिता की शिकायत पर
- संबंधित ठेकेदार
- और लोक सेवकों
के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
पुलिस अब
- दस्तावेज़
- मरम्मत फाइल
- बजट उपयोग
- और पोल स्थापना
से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करेगी।
जांच अधिकारी ने बताया कि जल्द ही आरोपियों से पूछताछ भी की जाएगी।
परिवार और स्थानीय लोगों में रोष
हार्दिक राठी की मौत ने पूरे इलाके में गहरा आक्रोश पैदा किया है। खेल प्रेमियों और ग्रामीणों का कहना है कि यह हादसा लापरवाही की वजह से हुआ है—और जिम्मेदार अधिकारियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
