2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिलने की घोषणा के बाद पूरे देश में खुशी की लहर है। इस ऐतिहासिक मौके पर अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अर्जुन अवॉर्ड विजेता गीता फोगाट ने इसे भारतीय खेल इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताया। सोनीपत में उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारत की खेल क्षमता को विश्व मंच पर और अधिक मजबूत करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि पिछले 15 वर्षों में देश में खेलों के लिए अभूतपूर्व बदलाव हुए हैं और यही बदलाव खिलाड़ियों को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है।
2010 की यादें और 2030 की नई उम्मीदें
गीता फोगाट ने 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स को याद करते हुए कहा कि उस समय जो ऊर्जा, उत्साह और खेल भावना दिखी थी, वह आज भी लोगों को प्रेरित करती है। उन्होंने कहा कि 2030 में भारत की तैयारियां उससे कई गुना बेहतर होंगी, क्योंकि अब देश में खिलाड़ियों की संख्या, स्पर्धाएं, प्रशिक्षण सुविधाएं और प्रतियोगिताएं काफी बढ़ चुकी हैं।
उनके अनुसार, अब भारत सिर्फ मेजबानी नहीं करेगा बल्कि कई स्पर्धाओं में पदक तालिका में नया इतिहास भी बनाएगा।
खेलों में क्रांतिकारी बदलाव—प्रधानमंत्री के नेतृत्व का बड़ा योगदान
गीता फोगाट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व ने खिलाड़ियों के मनोबल को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि पहले खिलाड़ियों और सरकार के बीच एक दूरी रहती थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री का खिलाड़ियों के साथ सीधा संवाद खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
- खेलो इंडिया
- टॉप स्कीम
- राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ट्रेंनिंग प्रोग्राम
- लगातार आयोजित होने वाले टूर्नामेंट
इन सबने भारत में खेलों के स्तर को नई दिशा दी है। पहले जहां खिलाड़ी एक-दो टूर्नामेंट के सहारे तैयारी करते थे, वहीं आज पूरे वर्ष प्रतियोगिताओं का कैलेंडर भरा रहता है, जिससे प्रदर्शन में लगातार सुधार होता है।

2030 की तैयारी—खिलाड़ियों को अभी से करनी होगी मेहनत
गीता ने कहा कि भले ही 2030 दूर लगता हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तैयारी के लिए यह समय बहुत कम है। उन्होंने खास तौर पर युवा खिलाड़ियों से कहा कि वे अभी से अपने खेल पर फोकस कर पूरी ताकत झोंक दें।
उन्होंने कहा कि अपने देश में खेलना एक अलग ही उत्साह देता है। दर्शकों का समर्थन, घरेलू मैदान का आत्मविश्वास और तिरंगे का गर्व—इन तीनों से खिलाड़ी का प्रदर्शन और भी दमदार हो जाता है।
गीता ने यह भी कहा कि यदि फिटनेस मानक अनुमति दें, तो वे खुद भी हिस्सा लेना चाहती थीं, लेकिन अब उनकी प्राथमिकता युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करना है।
हरियाणा के दो खिलाड़ियों की मौत पर दुख व्यक्त किया
हाल ही में हरियाणा में दो खिलाड़ियों की मौत होने की घटना पर गीता फोगाट ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के लिए अपने बच्चे को खोना सबसे बड़ा आघात होता है। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि कई बार ऐसी घटनाएं इंसान के नियंत्रण में नहीं होतीं।
स्टेडियमों की मरम्मत और निरीक्षण बेहद जरूरी
खिलाड़ियों की मौत वाली घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए गीता ने कहा कि चाहे साई स्टेडियम हो या प्रदेश के अन्य खेल परिसर, नई बिल्डिंग बनाने के साथ-साथ पुरानी इमारतों की मरम्मत और समय-समय पर निरीक्षण बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ा हादसा बन सकती है।
गीता ने प्रशासन और खेल विभाग को स्टेडियमों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
