हरियाणा के हिसार में एक महिला ने अपने रेडिएशन थैरेपिस्ट पति और ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, पैसे हड़पने, गर्भावस्था के दौरान मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत और तीन सप्ताह चली पुलिस जांच के बाद पति के खिलाफ दहेज मांगने और मारपीट करने के आरोप सही पाए गए हैं। हालांकि सास और ससुर के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य न मिलने पर उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ धारा 85, 115, 316(2), 351(3) BNS के तहत मामला दर्ज किया है।
दो वर्ष पहले हुई थी शादी, शुरुआत से ही दहेज की मांग
शिकायतकर्ता महिला ने बताया कि उसकी शादी 20 जनवरी 2024 को हिसार के एक निजी अस्पताल में रेडिएशन थैरेपिस्ट के रूप में कार्यरत युवक से हुई थी। पिता का पहले ही देहांत हो चुका था, इसलिए शादी का अधिकांश खर्च उसकी मां और नाना ने उठाया। लगभग 15 लाख रुपये की शादी के बाद भी ससुराल वालों ने दहेज में कमी का ताना देना शुरू कर दिया।
महिला के अनुसार ससुराल पक्ष ने उससे सोने का कड़ा, मोटी चेन और अंगूठियां लाने की मांग रखी। मना करने पर पति और उसके परिजनों द्वारा मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू कर दी गई।
एम्स गुवाहाटी की नौकरी से परेशानी, पति ने सैलरी पर कब्जा किया
महिला ने बताया कि शादी के कुछ ही समय बाद उसे AIIMS गुवाहाटी में नौकरी मिल गई। यह बात पति को पसंद नहीं आई। इसके बाद उसने महिला के चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर दिया और गाली-गलौज व धमकाना बढ़ गया।

महिला ने आरोप लगाया कि पति कई बार उसका डेबिट कार्ड, चेकबुक छीनकर उसके खाते से पैसे निकलवा लेता था। पति का दबाव रहता था कि पूरी सैलरी उसके हाथ में दी जाए।
ससुराल की ओर से लगातार दबाव डाला गया कि वह गुवाहाटी की नौकरी छोड़कर हरियाणा में जॉब करे, ताकि सैलरी सीधे उनके नियंत्रण में रहे। मजबूरी में महिला ने सितंबर 2024 में AIIMS की नौकरी छोड़कर हिसार में नौकरी ज्वाइन कर ली।
ट्विंस प्रेग्नेंसी में भी प्रताड़ना, खाना तक नहीं दिया जाता था
महिला ने बताया कि फरवरी 2025 में वह गर्भवती हुई, और जांच में यह ट्विंस प्रेग्नेंसी पाई गई। डॉक्टरों ने उसे आराम करने और सफर न करने की सख्त सलाह दी।
लेकिन आरोप है कि ससुराल वालों ने उसकी हालत को नजरअंदाज किया।
- सास जानबूझकर उसे खाना नहीं देती थी
- कभी खाना बनाती भी तो उसमें नमक-मिर्च ज्यादा डालकर खराब कर देती
- कई बार उसे कमरे में बंद कर भूखा रखा जाता था
इससे उसकी सेहत लगातार बिगड़ती गई।
29 अक्टूबर 2025 को मायके ले जाते समय मारपीट, मां का कान फटा
पीड़िता के अनुसार उसकी खराब होती स्थिति देखकर 29 अक्टूबर 2025 को उसकी मां उसे लेने ससुराल पहुंची। इसी दौरान पति और सास ने उसके साथ-साथ उसकी मां से भी मारपीट की। झगड़े में उसकी मां के कान का पर्दा फट गया।
महिला ने 112 पर कॉल करने की कोशिश की, मगर संपर्क नहीं हो सका। बाद में उसका भाई और दोस्त उसे सिविल अस्पताल लेकर गए।
ASI पर मिलीभगत का आरोप, HTM थाने ने की विस्तृत जांच
महिला ने PLA चौकी के ASI अनूप पर आरोप लगाया कि वे अस्पताल में बयान लेने आए तो आरोपी पक्ष से मिले हुए लग रहे थे। उन्होंने केवल दो-चार लाइन का छोटा बयान लिखवाने का दबाव बनाया और मामला 107/151 में निपटाने की कोशिश की।
लेकिन जब शिकायत HTM थाने पहुंची, तो महिला पुलिसकर्मी पूनम और ASI कविता ने अलग-अलग दौरों में विस्तृत जांच की। तीन सप्ताह की जांच में पति के खिलाफ लगे आरोप सही पाए गए।
पुलिस का कहना है कि आरोपी पति को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और महिला को न्याय दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
