हरियाणा के नारनौल में दूल्हे की निकासी कार्यक्रम के दौरान सोमवार रात एक गंभीर हादसा हुआ। निकासी कार्यक्रम में नाच-गाना कर रहे लोगों पर एक युवक ने अपनी कार चढ़ा दी, जिससे सात लोग घायल हो गए। हादसे में दूल्हा बाल-बाल बच गया।
हादसे का विवरण
मोहल्ला खड़खड़ी के निवासी निरंजन चौहान के बेटे नीतेश की शादी मंगलवार को राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ में होने वाली थी। परंपरा के अनुसार बारात जाने से पहले निकासी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसी दौरान सोमवार रात करीब साढ़े दस बजे, नाच-गाने और बैंडबाजे के बीच एक युवक ने अपनी कार तेज रफ्तार से निकासी कार्यक्रम में घुसा दी।
कार की चपेट में कई लोग आ गए और ड्राइवर के न रुकने पर कार पास बने एटीएम में जा घुसी, जिससे एटीएम के दरवाजे और शीशे टूट गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन लोग कार पर लटके हुए एटीएम तक घसीटे गए और गंभीर चोटें आईं।
घायलों की जानकारी
हादसे में घायल हुए लोगों में शामिल हैं:
- 18 वर्षीय मोहित
- 22 वर्षीय लक्ष्मण पुत्र शिवचरण
- 52 वर्षीय हरजी
- 20 वर्षीय गुनगुन पुत्री शिवचरण
- 25 वर्षीय सुनील पुत्र सुधीर
- 22 वर्षीय निशांत पुत्र निरंजन चौहान
- 16 वर्षीय पुनीत चौहान
सभी घायलों को नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। मोहित और हरजी की स्थिति गंभीर है, जिनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है।
कार ड्राइवर की गिरफ्तारी
हादसे के बाद मौके पर जुटी भीड़ ने कार ड्राइवर को पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई की। पुलिस मौके पर पहुंची और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया। ड्राइवर मोहल्ला मिश्रवाड़ा का बताया जा रहा है।
बारात पर असर
हादसे के बाद शादी की खुशियों में शोक का माहौल बन गया। मंगलवार को बारात लक्ष्मणगढ़ रवाना हुई, लेकिन मोहित को छोड़कर अन्य सभी घायल परिवार के लोग अस्पताल से घर ले आए।

पुलिस जांच
जांच अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि रात को करीब साढ़े दस बजे निकासी कार्यक्रम में कार घुसने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए ड्राइवर को हिरासत में लिया। हादसे में घायलों की पहचान और चोटों की गंभीरता के आधार पर आगे की जांच जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों का कहना है कि शादी और निकासी जैसे पारंपरिक कार्यक्रमों में सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। तेज रफ्तार वाहन और सुरक्षित मार्ग न होने के कारण ऐसे हादसे हो सकते हैं।
नारनौल में दूल्हे की निकासी कार्यक्रम के दौरान हुई यह घटना दिखाती है कि शादी जैसे खुशियों भरे कार्यक्रम में भी सुरक्षा की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और अस्पताल की उपलब्ध सुविधाओं की वजह से घायलों का समय पर इलाज संभव हुआ। स्थानीय प्रशासन को इस तरह के आयोजनों में भीड़ और वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
इस घटना से यह संदेश मिलता है कि सुरक्षा और सावधानी ही बड़ी आपदाओं को रोक सकती है, चाहे वह किसी भी उत्सव या शादी का अवसर क्यों न हो।
