हरियाणा के कैथल जिले के सीवन में स्थित श्री दशमेश सिंह सभा गुरुद्वारा में सिख पंथ की बेअदबी और गुरुद्वारा के कैशियर सहित अन्य संगत से मारपीट और गाली गलौज का मामला सामने आया है। गुरुद्वारा के कैशियर ने आरोपी के खिलाफ सीवन थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विवाद का कारण
पुलिस का कहना है कि यह विवाद गुरुद्वारा में लगे लाउडस्पीकर के साउंड को लेकर शुरू हुआ था। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के दौरान यह घटना घटी और मामला बढ़ गया।
गुरुद्वारा परिसर में मारपीट
गुरुद्वारा के कैशियर लाल सिंह उर्फ बिट्टू ने पुलिस को बताया कि 19 नवंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे गुरुद्वारा परिसर में संगत मौजूद थी। इस दौरान सीवन निवासी पवित्र सिंह नामक व्यक्ति ने गुरुद्वारा परिसर में लगे सिख मर्यादा के पोस्टर को फाड़ दिया। इसके अलावा उसने गुरुद्वारा के ग्रंथी के साथ गाली गलौज और मारपीट की।
पंचायत में फिर हुई बेअदबी
इस घटना के बाद 20 नवंबर को गुरुद्वारा दशमेश सिंह सभा में समूह संगत की पंचायत आयोजित की गई। इस पंचायत में पवित्र सिंह और उसके परिवार को बुलाया गया। हालांकि, पंचायत के दौरान भी आरोपी ने समूह संगत के साथ हाथापाई की और गाली गलौज की, साथ ही उसके केशों और पगड़ी की बेअदबी की।

शिकायत और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने बताया कि इस तरह की घटनाएं सिख पंथ और समुदाय की आस्था पर गंभीर चोट करती हैं और समाज में अशांति फैलाती हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सीवन थाना के जांच अधिकारी शीश पाल ने बताया कि पुलिस को मामले की शिकायत मिली है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
समाज और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्व
यह मामला दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की बेअदबी और हिंसा को रोकने के लिए सतर्कता आवश्यक है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई और निगरानी से समुदाय की सुरक्षा और आस्था की रक्षा की जा सकती है।
कैथल के सीवन में गुरुद्वारा में हुई यह घटना यह स्पष्ट करती है कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और मर्यादा की रक्षा अत्यंत जरूरी है। पुलिस द्वारा आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई और मामले की जांच संदेश देती है कि कोई भी व्यक्ति धार्मिक संस्थानों में अशांति फैलाने या बेअदबी करने की स्थिति में नहीं बचेगा।
इस घटना ने समाज और संगत को यह भी चेताया है कि धार्मिक स्थलों में सम्मान और शांति बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस और प्रशासन इस तरह की घटनाओं पर सख्त नजर रखेगा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
