श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर कुरुक्षेत्र में आयोजित राज्य स्तरीय समागम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होने के लिए गुरुवार को पहुंच रहे हैं। इस कार्यक्रम में देशभर से श्रद्धालु और कार्यकर्ता जुड़ रहे हैं, वहीं गुरुग्राम से भाजपा कार्यकर्ताओं का बड़ा काफिला सुबह से ही कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो गया। यह महत्वपूर्ण आयोजन ज्योतिसर स्थित महाभारत अनुभव केंद्र में किया जा रहा है।
गुरुग्राम जिले में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। विभिन्न मंडलों से सैकड़ों बसें, टेम्पो ट्रैवलर और निजी वाहन लेकर भाजपा कार्यकर्ता कुरुक्षेत्र के लिए निकले। इस काफिले में मंडल अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष, पन्ना प्रमुख, युवा मोर्चा, महिला मोर्चा, किसान मोर्चा, अनुसूचित जाति मोर्चा के सदस्यों सहित सभी प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल रहे।
“कुरुक्षेत्र पवित्र भूमि है, PM आज देश को नया संदेश देंगे” — राव नरबीर
हरियाणा के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि कुरुक्षेत्र वह पवित्र स्थान है, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। आज उसी स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को नया संदेश देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम से पहुंचे सभी कार्यकर्ता इस संदेश को लेकर लौटेंगे और यहीं से 2029 लोकसभा चुनाव की मजबूत नींव पड़ेगी।
PM मोदी का कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम करीब 4:30 बजे कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। इसके बाद उनकी दिनचर्या इस प्रकार रहेगी:
- 5:45 बजे – ब्रह्म सरोवर में दर्शन और पूजा
- इसके पश्चात – अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगे
- गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं पर आधारित प्रदर्शिनियों का अवलोकन करेंगे
- देशभर से आए कलाकारों और संत-महात्माओं से मुलाकात
7 देशों के कलाकार दे रहे प्रस्तुतियां
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 इस वर्ष 15 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें विश्व के 7 देशों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के जरिए गीता ज्ञान का संदेश दे रहे हैं। पीएम मोदी पहली बार इस भव्य महोत्सव में शिरकत कर रहे हैं, जिसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
125 एकड़ में लगी विशेष प्रदर्शनियां
मुख्य पंडाल और आयोजन स्थल लगभग 125 एकड़ में फैला हुआ है। यहां गुरु तेग बहादुर जी की:
- जीवनी
- शिक्षाएं
- बलिदान
- समाज सेवा के कार्य
- और राष्ट्रहित में दिए गए संदेशों

को दर्शाती कई थीम-आधारित प्रदर्शनियां लगाई गई हैं।
इन प्रदर्शनी क्षेत्रों में डिजिटल गैलरी, विरासत प्रदर्शनियां, धार्मिक चित्र, प्रोजेक्शन शो और ऐतिहासिक दस्तावेजों का विशेष संकलन भी प्रस्तुत किया गया है। इनका अवलोकन करने के लिए देशभर से श्रद्धालु और पर्यटक कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं।
गुरुग्राम से दिखा उत्साह
सुबह से ही गुरुग्राम के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से वाहनों का भारी जमावड़ा देखने को मिला। विशेष रूप से युवा मोर्चा और महिला मोर्चा की टीमें अलग-अलग समूहों में रवाना होती दिखाई दीं। स्थानीय नेतृत्व ने बताया कि गुरुग्राम से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता इस समागम को सफल बनाने पहुंचे हैं।
समागम का उद्देश्य
यह आयोजन सिर्फ गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को नमन करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह:
- देश की आध्यात्मिक धरोहर
- मानवता का संदेश
- और गीता के वैश्विक महत्व
को व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचाने का प्रयास है।
