पानीपत में सोमवार को स्थानीय यात्रियों को सामना करना पड़ा मुश्किलों का, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए कुरुक्षेत्र भेजी गई 90 रोडवेज बसों के कारण शहर और आसपास के ग्रामीण रूटों पर बस सेवाओं की संख्या में कमी आ गई।
पानीपत रोडवेज बस स्टैंड से रोजाना करीब 160 बसें विभिन्न मार्गों पर चलती हैं, जिनमें शहर के कई ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल हैं। लेकिन 90 बसों के एक साथ कुरुक्षेत्र भेजे जाने के कारण स्थानीय मार्गों पर परिचालन बाधित हो गया। कई रूटों पर बसें बिल्कुल बंद होने जैसी स्थिति में पहुंच गई, जिससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
यात्रियों की समस्याएं
स्थानीय यात्री बताते हैं कि कार्यालय, कॉलेज और स्कूल जाने के लिए सुबह और शाम के समय उन्हें ऑटो और निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। कई रूटों पर तो बसें नियमित समय पर उपलब्ध नहीं हो रही थीं, जिससे लंबा इंतजार करना पड़ा। यात्रियों का कहना है कि लंबे समय से नियमित परिचालन में कटौती के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हुई।
रोडवेज प्रशासन की प्रतिक्रिया
पानीपत रोडवेज के जीएम विकम कंबोज ने बताया कि 90 बसें प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम के लिए भेजी गई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अन्य रूटों पर परिचालन में किसी तरह की कटौती नहीं की गई है और यात्रियों की परेशानी कम करने के उपाय किए जा रहे हैं।
डिपो अधिकारियों ने बताया कि अन्य मार्गों पर जाने वाली बसों के चक्कर बढ़ा दिए गए हैं, ताकि कम से कम लोग प्रभावित हों। उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी की बस सेवाएं पहले की तरह जारी हैं और जैसे ही कार्यक्रम समाप्त होगा, सभी बसें वापस लौटकर सामान्य संचालन शुरू कर देंगी।

सबसे ज्यादा प्रभावित रूट
पानीपत जिले के कई ग्रामीण रूटों पर बस सेवा सबसे अधिक प्रभावित रही। इन रूटों में इसराना, समालखा, बपौली, मतलौडा, बबैल, सौंधापुरा, सफीदों, घरौंडा, दीवाना, बुधशाम, बिंझौल, उग्रा खीरी और चंदौली शामिल हैं।
स्थानीय यात्री बताते हैं कि पहले इन मार्गों पर हर आधे घंटे में बस उपलब्ध होती थी, लेकिन अब कई रूटों पर यात्रियों को दो से तीन घंटे इंतजार करना पड़ रहा है।
अगले कदम और सुधार
रोडवेज प्रशासन का कहना है कि जैसे ही कार्यक्रम समाप्त होगा, सभी बसें वापस लौटकर नियमित संचालन शुरू कर देंगी। अधिकारियों ने यात्रियों से धैर्य बनाए रखने की अपील की है और कहा कि कर्मचारियों ने परिचालन में सुधार के लिए सभी प्रयास किए हैं।
विशेष रूप से यह कदम यात्रियों को स्थानीय बस सेवाओं की उपलब्धता और सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में एक चुनौती प्रस्तुत करता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि भविष्य में कार्यक्रमों के कारण परिचालन बाधा कम करने के लिए अतिरिक्त योजना बनाई जाएगी।
