पानीपत के लघु सचिवालय स्थित सभागार में सोमवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अंत्योदय विभाग के कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने की। मंत्री ने जिलेभर से पहुंचे लोगों की समस्याओं को करीब डेढ़ घंटे तक गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जिला कष्ट निवारण समिति में इस बार कुल 15 शिकायतें दर्ज थीं, जिनमें से 9 पिछली बैठक की लंबित शिकायतें थीं, जबकि 6 शिकायतें नई रखी गईं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें और हर मामले का यथासंभव त्वरित समाधान होना चाहिए।
पहली शिकायत: बैंक लिमिट रिन्यू न होने का मामला
बैठक की शुरुआत रणधीर सिंह की शिकायत से हुई, जिसमें उन्होंने बैंक द्वारा लिमिट रिन्यू न करने और उन्हें डिफॉल्टर घोषित करने की बात कही। यह शिकायत पिछली बैठक से लंबित थी। मंत्री ने मौके पर ही बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि बिना शिकायतकर्ता को बुलाए तुरंत मामले का समाधान किया जाए।
10 शिकायतें पुलिस विभाग से जुड़ी, कार्रवाई न होने की शिकायतें हावी
दूसरी शिकायत पवन कुमार ने रखी, जिन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। बीपीएल फ्लैटों में रहने वाले परिवारों को सीवर लाइन, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंत्री ने संबंधित विभाग को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए।
तीसरी शिकायत सेक्टर-12 निवासी रविंद्र की थी, जिन्होंने कहा कि तीन साल से उनका मामला लंबित है और पुलिस दोषियों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। मंत्री ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
चौथी शिकायत प्रतीक माटा ने दर्ज करवाई। उन्होंने पूर्व हीरो इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री ने उच्चाधिकारियों को तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए।
गुमशुदा पति और संपत्ति विवाद का मामला
शिकायतकर्ता बबिता ने बताया कि उनके पति लंबे समय से गायब हैं और उनकी संपत्ति भी उन्हें नहीं मिल रही। उन्होंने कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी मंत्री के सामने प्रस्तुत किए। मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को मामले की गहराई से जांच करने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
आईओसीएल से जुड़ा विवाद निपटा, शिकायत बंद
राजकुमार ने पानीपत आईओसीएल में वाहन लगाने से संबंधित समस्या बताई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह शिकायत बंद कर दी गई।
एचएसवीपी से संबंधित शिकायत लंबित रखी गई
ऊषा शर्मा ने सीवरेज कनेक्शन और मकानों तक पहुंचने वाले रास्तों से जुड़ी समस्या रखी। मंत्री ने मामले में सुनवाई के बाद शिकायत को लंबित रखने के निर्देश दिए, ताकि आगे जांच पूरी हो सके।

विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी का बड़ा मामला
अशोक कुमार ने शिकायत की कि उनके साथ विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी हुई। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया भेजने के बहाने पैसे लिए गए लेकिन कोई प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। मंत्री ने धाराओं में परिवर्तन कर IPC की धारा 120 जोड़ने और मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए।
किसान की सिंचाई मोरी बंद—SDM स्तर पर जांच के आदेश
किसान सूबे सिंह ने बताया कि उनकी सिंचाई मोरी को कुछ लोगों ने बंद कर दिया है। मंत्री ने मामले की दोबारा दरखास्त देने और इसराना SDM व समिति के तीन सदस्यों से जांच कराने के आदेश दिए।
व्यवसायिक लेनदेन का मामला, मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
मयंक मित्तल ने व्यापारिक लेनदेन में धोखाधड़ी की शिकायत करते हुए रिकॉर्ड प्रस्तुत किया। मंत्री ने दोषी पर मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया।
ये अधिकारी व जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में शहरी विधायक प्रमोद विज, मेयर कोमल सैनी, भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलुजा, उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, निगम अतिरिक्त आयुक्त विवेक चौधरी, एसडीएम मनदीप सिंह, इसराना एसडीएम नवदीप नैन, समालखा एसडीएम अमित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
