हांसी में समाधान शिविर: तहसीलदार ने सुनीं जन समस्याएं, अवैध कब्जे और जलभराव पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश
हिसार जिले के हांसी कस्बे में सोमवार को संयुक्त कार्यालय परिसर में समाधान शिविर आयोजित किया गया। शिविर की अध्यक्षता तहसीलदार अनिल कुमार बिढान ने की, जहां क्षेत्र के ग्रामीणों और नागरिकों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर अपनी विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। तहसीलदार ने मौके पर ही कई मुद्दों पर निर्देश जारी किए और आश्वासन दिया कि किसी भी शिकायत को अनदेखा नहीं किया जाएगा।
शिविर में राशन कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी सुधार, अवैध कब्जे, जलभराव, पेंशन व सरकारी योजनाओं से जुड़े अनेक मामले सामने आए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि सभी शिकायतों का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
कॉलोनी की गली में अवैध कब्जा—तुरंत निरीक्षण और कार्रवाई के आदेश
खरखड़ा गांव के निवासी सहदेव सहित कई ग्रामीणों ने अपनी कॉलोनी की गली में चल रहे अवैध कब्जे की शिकायत की। ग्रामीणों ने बताया कि अवैध निर्माण के कारण आवागमन बाधित हो रहा है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए तहसीलदार ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) को तुरंत मौके का निरीक्षण करने और कब्जा हटवाने संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि:
“गली और रास्तों पर अवैध कब्जा किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
जलभराव की समस्या पर सख्त रुख—अतिरिक्त मोटर लगाने के निर्देश
सिंघवा राघो गांव की एक बस्ती से शिविर में जलभराव की गंभीर शिकायत सामने आई। ग्रामीणों ने बताया कि कई दिनों से पानी जमा होने से चलना-फिरना मुश्किल हो गया है और स्वच्छता की भी समस्या बढ़ रही है।
इस पर तहसीलदार ने जल निकासी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बस्ती से पानी की निकासी के लिए अतिरिक्त मोटरें लगाई जाएं और जल्द से जल्द पानी को बाहर निकाला जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लोगों को तुरंत राहत मिलनी चाहिए।
राशन कार्ड, प्रॉपर्टी आईडी व सरकारी योजनाओं से संबंधित समस्याएं भी उठीं

शिविर में कई नागरिकों ने अपने राशन कार्ड, परिवार पहचान पत्र, प्रॉपर्टी आईडी में क्षेत्रफल सुधार, प्रधानमंत्री आवास योजना, आय कम करवाने, और बिछड़ी हुई सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं उठाईं।
प्रत्येक शिकायत की गंभीरता को समझते हुए तहसीलदार ने संबंधित विभागों को मौके पर ही दस्तावेज लेकर प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
“समाधान शिविरों का उद्देश्य लोगों को दफ्तरों के चक्कर से बचाना है। जहां संभव हो, समाधान यहीं पर किया जाए।”
समयबद्ध और पारदर्शी निपटान पर जोर
तहसीलदार अनिल कुमार बिढान ने उपस्थित सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि हर शिकायत का निपटान समय सीमा के भीतर और पारदर्शी तरीके से किया जाए। उन्होंने कहा कि समाधान शिविरों के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम होती है और समस्याओं का तत्काल निपटान सुनिश्चित होता है।
उन्होंने अधिकारियों से रिपोर्ट प्रस्तुत करने और प्रगति की निगरानी जारी रखने के लिए भी कहा।
