पानीपत से चुलकाना धाम के लिए रविवार सुबह बड़ी धूमधाम और श्रद्धाभाव के साथ खाटू श्याम की निशान यात्रा रवाना हुई। इस धार्मिक यात्रा में सैकड़ों भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और भजन कीर्तन के मधुर स्वर से यात्रा का मार्ग पूरी तरह भक्ति और उमंग से भरपूर रहा।
यात्रा का आयोजन श्री नवयुवक खाटू श्याम मित्र मंडल द्वारा किया गया था। इस अवसर पर भजन गायक कन्हैया मित्तल ने अपने मधुर और ऊर्जा से भरे भजनों के माध्यम से उपस्थित भक्तों को भाव-विभोर कर दिया। उनके द्वारा प्रस्तुत भजनों में ‘श्याम नाम की महिमा’ और ‘मेरे श्याम का रंग’ जैसे भजन शामिल थे, जिन्होंने वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। कन्हैया मित्तल के भजनों पर भक्त नाचते-गाते हुए जयकारे लगा रहे थे। इस धार्मिक कार्यक्रम में बच्चें, महिलाएं और बुजुर्ग सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

निशान यात्रा पानीपत शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए चुलकाना धाम के लिए रवाना हुई। यात्रा मार्ग पर कई सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के लिए पानी, शरबत और प्रसाद की विशेष व्यवस्था की। यात्रा के दौरान जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए, जहां फूल वर्षा के साथ भक्तों का उत्साहवर्धक स्वागत किया गया।
मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि निशान यात्रा का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, सद्भाव और धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि खाटू श्याम के प्रति लोगों की बढ़ती श्रद्धा को देखते हुए हर वर्ष यात्रा में भक्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु के प्रति अपनी असीम भक्ति व्यक्त की और धार्मिक आयोजन में पूरी निष्ठा दिखाई।
यात्रा की समाप्ति चुलकाना धाम पर हुई, जहां उपस्थित श्रद्धालुओं ने पालकी साहिब के समक्ष शीश नवाया और पुष्प अर्पित किए। इस अवसर पर मंदिर प्रशासन और आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था की, ताकि यात्रा में शामिल लोग आराम से भोजन कर सकें।
इस धार्मिक आयोजन ने समाज में आपसी मेल-जोल और भाईचारे को भी मजबूत किया। आयोजकों ने यह सुनिश्चित किया कि यात्रा के दौरान हर प्रकार की सुरक्षा और सुविधा उपलब्ध रहे। निशान यात्रा के माध्यम से न केवल धार्मिक आस्था का प्रसार हुआ, बल्कि यह समाज में सामूहिक एकता और आपसी सहयोग का प्रतीक भी बन गई।
