रोहतक के झज्जर रोड पर देर रात एक प्लाईवुड के गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही गोदाम मालिक मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग की भयंकरता के कारण गोदाम में रखा सारा लकड़ी का सामान जलकर खाक हो गया।
गोदाम में मची अफरा-तफरी
गोदाम खरीती लाल नवीन कुमार के नाम से है, जिसमें विभिन्न प्रकार की लकड़ियों के दरवाजे, चौखट और जंगले बनाए जाते हैं। फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाने के लिए कड़ी मशक्कत की। गोदाम मालिक नवीन सचदेवा ने बताया कि 1994 से वे इस व्यवसाय में हैं और यह उनकी पूरी जिंदगी की जमा पूंजी थी।
आग इतनी तेजी से फैली कि गोदाम के भीतर रखा लाखों रुपए का कच्चा माल, मशीनरी और तैयार सामान जलकर राख हो गया।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई
आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। नवीन सचदेवा ने बताया कि 44 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आग पर काबू पाने के लिए लगीं। गाड़ियों को एक के बाद एक बुलाना पड़ा और कड़ी मशक्कत के बाद ही आग पर नियंत्रण पाया गया।
हालांकि, तब तक गोदाम का सारा लकड़ी और मशीनरी नष्ट हो चुकी थी।

आर्थिक नुकसान
गोदाम मालिक के अनुसार, आग से करीब 4 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। इसमें लाखों रुपए की मशीनरी और करोड़ों रुपए का तैयार सामान शामिल है। इस घटना ने व्यवसायियों के लिए सुरक्षा और उद्योग क्षेत्र में आग से बचाव के उपायों की गंभीर आवश्यकता को उजागर किया है।
नवीन सचदेवा ने प्रशासन और राज्य सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगाई है ताकि वह नुकसान की भरपाई कर सकें और व्यवसाय को फिर से शुरू कर सकें।
आग लगने के कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग गोदाम में रखी लकड़ी और जंगले के कारण तेजी से फैली। फायर अधिकारियों ने बताया कि गोदाम में आग फैलने की शुरुआत किसी शॉर्ट सर्किट या इलेक्ट्रिकल दोष से हुई हो सकती है, जिसकी जांच अभी जारी है।
व्यापारी और कर्मचारियों की सुरक्षा
सौभाग्य से आग लगने के समय गोदाम में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। यह घटना इस बात का सबक है कि उद्योग क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों और फायर सेफ्टी उपकरणों का पालन कितना आवश्यक है।
रोहतक के झज्जर रोड स्थित प्लाईवुड गोदाम की आग ने उद्योग जगत और व्यवसायियों को एक बड़ा आर्थिक और मानसिक झटका दिया है। हालांकि, फायर ब्रिगेड की तत्परता और कर्मचारियों की सतर्कता के कारण कोई जान-माल की हानि नहीं हुई।
इस घटना से यह स्पष्ट हो गया कि गोदामों और फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानक, नियमित निरीक्षण और फायर सेफ्टी उपकरण न केवल जरूरी हैं, बल्कि इन्हें लागू करना व्यवसाय की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
