हरियाणा के पानीपत जिले में CM फ्लाइंग की टीम ने एक बड़े पर्यावरणीय अपराध का पर्दाफाश किया है। कपड़ा उद्योगों से निकलने वाले केमिकल मिश्रित पानी को रात के समय टैंकरों में भरकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में फेंकने वाले नेटवर्क को पकड़ लिया गया है। यह अवैध गतिविधि कई महीनों से चल रही थी, जिससे पर्यावरण, भूजल और ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था।
12 से अधिक टैंकर जब्त, 27 लोगों पर केस दर्ज
CM फ्लाइंग के उप निरीक्षक राजसिंह ने बताया कि टीम को सूचना मिली थी कि पानीपत के गांव कुराड, छाजपुर, जलालपुर और आसपास के क्षेत्रों में रात के अंधेरे में टैंकरों के माध्यम से केमिकल युक्त अपशिष्ट पानी फेंका जा रहा है।
सूचना मिलते ही टीम ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर नाकाबंदी (चेकिंग प्वाइंट) लगाई। एक-एक कर कई टैंकरों को पकड़ा गया जिनमें संदिग्ध बदबूदार और रासायनिक मिश्रण वाला पानी भरा हुआ था।
ड्राइवर इन टैंकरों से भरे अपशिष्ट के बारे में कोई भी संतोषजनक दस्तावेज या अनुमति पत्र नहीं दिखा सके। जांच में खुलासा हुआ कि यह पानी कपड़ा फैक्ट्रियों से निकलने वाला केमिकल युक्त अपशिष्ट था, जिसे कानूनी प्रक्रिया के बजाय गुपचुप तरीके से खाली स्थानों पर फेंका जा रहा था।
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 12 से अधिक टैंकर जब्त किए और 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
केमिकल युक्त पानी—पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
पुलिस ने बताया कि इस तरह के अपशिष्ट पानी में हानिकारक रसायन, डाई, एसिड और अन्य जहरीले तत्व होते हैं। इन्हें खुले स्थानों पर फेंकने से—

- भूजल दूषित होता है
- खेतों की उर्वरता घटती है
- पशुओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है
- लोगों में त्वचा रोग, श्वसन रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है
यह अवैध गतिविधि कई महीनों से चल रही थी और ग्रामीणों के स्वास्थ्य व पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बन चुकी थी।
जिनके नाम पर मामला दर्ज
सनौली थाना प्रभारी वेदपाल ने बताया कि जिन व्यक्तियों और फैक्ट्रियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें शामिल हैं—
नौशाद, प्रदीप, राहुल, राजेश, अरेका इंडस्ट्री, गौरजा इंटरनेशनल, नैन सिंह, सोनू, नवीन, साहिल, रोहित, डायमंड फैक्ट्री, शाहरूख, MD इंटरनेशनल, कुलदीप, मेहरबान, मनजीत, सरवती टैक्सो, टिंकू, इसरार, चूहड़ सिंह, गायत्री फैक्ट्री, सोनू, विरेंद्र, सनराइज फैक्ट्री, सद्दाम और अंकित देशवाल।
ये सभी या तो फैक्ट्री से जुड़े लोग हैं, टैंकर चालक हैं, या अपशिष्ट के अवैध निस्तारण में शामिल पाए गए हैं।
पुलिस जांच जारी—अधिक फैक्ट्रियों का खुलासा संभव
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क काफी बड़ा है और इसमें कई फैक्ट्री मालिक, मैनेजर और ट्रांसपोर्टर शामिल हो सकते हैं। आगे की जांच में और नाम सामने आने की संभावना है।
सीएम फ्लाइंग और सनौली थाना पुलिस मिलकर यह पता लगाने में जुटी है कि किस फैक्ट्री का कितना अपशिष्ट किसके माध्यम से बाहर फेंका जा रहा था और इसमें कौन-कौन शीर्ष स्तर पर शामिल है।
प्रशासन सख्त—जल्द बड़ी कार्रवाई के संकेत
जांच एजेंसियों का कहना है कि पर्यावरण से जुड़े ऐसे अपराधों पर सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई के आदेश हैं। स्थानीय प्रशासन भी इस नेटवर्क के सभी सरगनाओं तक पहुंचने की तैयारी में है।
इस कार्रवाई से आसपास के गांवों में राहत की भावना है, क्योंकि लगातार हो रहे प्रदूषण से लोग परेशान थे।
