हिसार के नारनौंद क्षेत्र में एक बड़े जमीन घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें सोनीपत जिले के खरखौदा निवासी एक किसान को 95 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। किसान सतीश कुमार द्वारा दी गई शिकायत पर नारनौंद थाना पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की तफ्तीश सीआईए स्टाफ हांसी-1 को सौंप दी गई है। फिलहाल पुलिस किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं कर सकी है।
100 कनाल जमीन का सौदा — 60 लाख रुपए एडवांस दिए
शिकायतकर्ता सतीश कुमार के अनुसार उसने 13 दिसंबर 2024 को कविता पत्नी बिजेंद्र निवासी नारनौंद से 100 कनाल जमीन का सौदा 38.50 लाख रुपए प्रति एकड़ की दर से किया था। सौदे के दौरान उसने कुल 60 लाख रुपए एडवांस दिए थे, जिनमें—
- 16 लाख रुपए नकद
- 44 लाख रुपए पाँच चेकों के माध्यम से
यह रकम कविता और अन्य लोगों की मौजूदगी में दी गई थी। रजिस्ट्री की तारीख 2 मई 2025 तय की गई थी।
पहले से ही किसी और के नाम इकरारनामा
सतीश कुमार का आरोप है कि कविता और उसके साथियों ने उससे सौदा करते समय यह छिपाया कि वही जमीन पहले ही राजपाल नामक व्यक्ति के नाम इकरारनामा पर दी जा चुकी थी। इसके बावजूद आरोपियों ने दोबारा सौदा किया, जिससे यह साफ होता है कि पूरी योजना सुनियोजित साजिश के तहत बनाई गई थी।
शिकायतकर्ता के मुताबिक आरोपियों ने यह भरोसा दिलाया था कि भूमि पर कोई विवाद, स्टे या लोन नहीं है और निश्चित तारीख पर उसकी रजिस्ट्री करा दी जाएगी।
उसी जमीन का दूसरा सौदा भी किया
सतीश कुमार ने आगे बताया कि आरोपियों ने 10 फरवरी 2025 को उसी जमीन का दूसरा सौदा सुनीता पत्नी मेहर सिंह के नाम पर किया, जिसके लिए उसने 35 लाख रुपए नकद भुगतान किया। इस सौदे की रजिस्ट्री 9 मई 2025 तय हुई थी।

दोनों ही सौदों की रजिस्ट्री तिथि पर सतीश कुमार ने संबंधित कार्यालय में अपनी हाजिरी भी लगाई थी।
जमीन किसी और के नाम रजिस्ट्री कर दी गई
बाद में सतीश को पता चला कि पहली सौदे वाली जमीन की रजिस्ट्री 17 अप्रैल 2025 को सरोज बाला निवासी बरौली के नाम पहले ही कर दी गई थी। यह रजिस्ट्री कविता पत्नी बलवान निवासी धारसुल खुर्द के नाम से कराई गई।
ऐसे में यह साफ हो गया कि आरोपियों ने जानबूझकर धोखाधड़ी की और उसकी रकम हड़प ली।
7 आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
शिकायत पर जिन सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है, उनके नाम हैं—
- कविता पत्नी बिजेंद्र
- बिजेंद्र पुत्र धूप सिंह
- राजपाल पुत्र कैलाश राम
- सरोज बाला पत्नी विजयपाल
- कविता पत्नी बलवान
- वीरेंद्र पुत्र भरत सिंह
- सुनीता पत्नी मेहर सिंह
पुलिस ने प्राथमिक जांच में शिकायत को सही पाया। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर दी गई।
पुलिस ने जांच सीआईए-1 हांसी को सौंपी
नारनौंद थाना पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच के बाद इसे गंभीर मानते हुए विस्तृत तफ्तीश के लिए केस CIA Staff Hansi-1 को ट्रांसफर कर दिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि—
- सभी दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं
- जमीन रिकॉर्ड की जांच होगी
- बैंक लेनदेन व चेक विवरण भी खंगाले जाएंगे
- आरोपियों की भूमिका के अनुसार गिरफ्तारियां होंगी
अधिकारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और यदि जरूरत पड़ी तो जमीन के सभी पुराने सौदों की भी जांच की जा सकती है।
