हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर तब देखने को मिला जब हिसार मार्केट कमेटी के चेयरमैन पद से सुरेंद्र बेदी को हटाकर भाजपा ने रविंद्र रोकी को इस पद की जिम्मेदारी सौंप दी। इस फैसले ने सीधे तौर पर नलवा के भाजपा विधायक रणधीर पनिहार को बड़ा झटका दिया है, क्योंकि बेदी उनकी ही सिफारिश पर चेयरमैन बने थे। हालांकि, नियुक्ति के तुरंत बाद ही बेदी का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वह कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रप्रकाश के लिए वोट मांग रहे थे। यही वीडियो उनके पद से हटाए जाने की सबसे बड़ी वजह माना जा रहा है।
वायरल वीडियो बना नियुक्ति रद्द होने का कारण
सुरेंद्र बेदी को हाल ही में मार्केट कमेटी हिसार का चेयरमैन नियुक्त किया गया था, मगर नियुक्ति के बाद उनका पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। वीडियो में बेदी 2024 विधानसभा चुनाव के दौरान आदमपुर में कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रप्रकाश के पक्ष में वोट मांगते दिखाई दे रहे थे। यह मामला सामने आते ही भाजपा हाईकमान सक्रिय हो गया और तुरंत नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी गई।
करीब दो महीने बाद भाजपा ने आधिकारिक रूप से सुरेंद्र बेदी को हटाकर देवा गांव के पुराने भाजपा कार्यकर्ता रविंद्र रोकी को चेयरमैन नियुक्त कर दिया।
विधायक रणधीर पनिहार को बड़ा नुकसान
बेदी को हटाने के फैसले से सबसे ज्यादा नुकसान रणधीर पनिहार को हुआ है, जो उनके राजनीतिक समर्थक माने जाते हैं। पनिहार ने सुरेंद्र बेदी की नियुक्ति के लिए पूरी ताकत लगा दी थी। यहां तक कि वह कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ प्रचार करने के बावजूद बेदी की नियुक्ति करवाने में सफल रहे थे। लेकिन वीडियो सामने आने के बाद पार्टी ने स्पष्ट संदेश दिया कि भाजपा के खिलाफ काम करने वालों को कोई जगह नहीं मिलेगी।

2024 चुनाव में बेदी ने कांग्रेस के लिए मांगे थे वोट
जानकारी के मुताबिक, सुरेंद्र सिंह उर्फ सुरेंद्र बेदी पहले कुलदीप बिश्नोई और फिर रणधीर पनिहार के करीबी रहे। हालांकि 2024 विधानसभा चुनाव में उन्होंने आदमपुर में बीजेपी उम्मीदवार भव्य बिश्नोई के खिलाफ खुलकर प्रचार किया था और कांग्रेस उम्मीदवार चंद्रप्रकाश के समर्थन में वोटों की अपील की थी।
बेदी ने अपने भाषण में कहा था कि भूपेंद्र हुड्डा ने “मिलनसार और समझदार उम्मीदवार” दिया है और आदमपुर को पहली बार ऐसा उम्मीदवार मिला है जो 36 बिरादरी की आवाज उठाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की थी कि वे 5 तारीख को चंद्रप्रकाश को भारी मतों से जिताएं।
बिश्नोई परिवार को बड़ा झटका लगा था
2024 विधानसभा चुनाव में आदमपुर सीट, जिसे भजनलाल परिवार का गढ़ माना जाता था, 57 साल बाद कांग्रेस के खाते में चली गई। भव्य बिश्नोई को चंद्रप्रकाश ने मात्र 1768 वोटों से हराया था। सबसे बड़ा झटका सदलपुर गांव में लगा, जहां बेदी ने चंद्रप्रकाश के लिए वोट मांगे थे। उपचुनाव में जहां भव्य को यहां 5500 वोटों की बढ़त मिली थी, वहीं 2024 में यह मार्जिन घटकर 3333 रह गया, जिसने चुनाव परिणाम को पलटने में अहम भूमिका निभाई।
रविंद्र रोकी की नियुक्ति—भाजपा का सख्त संदेश
सुरेंद्र बेदी को हटाकर भाजपा ने पार्टी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी लाइन छोड़कर चुनावी फायदे के लिए विरोधियों के साथ खड़े होने वालों को किसी भी स्थिति में नहीं बख्शा जाएगा।
नवनियुक्त चेयरमैन रविंद्र रोकी ने कहा कि वह पूरी निष्ठा से अपने दायित्व का निर्वहन करेंगे और मंडी के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे। वहीं, पद से हटाए गए सुरेंद्र बेदी का फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा है।
