एक ओर जहां पूरे देश में कांग्रेस वोट चोरी के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन कर रही है, वहीं हरियाणा में कांग्रेस खुद अपने ही नेताओं के बीच पोस्टर और फोटो विवाद में उलझती नजर आ रही है। सिरसा से सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने अपने पोस्टर से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे सांसद दीपेंद्र हुड्डा की फोटो हटा दी है। इस कदम के बाद कांग्रेस के भीतर नए विवाद की शुरुआत हो गई है।
सिरसा में आज बड़ा प्रदर्शन, लेकिन पोस्टर विवाद ने बढ़ाई पार्टी की चिंता
21 नवंबर को सिरसा में कांग्रेस का ‘वोट चोर—गद्दी छोड़’ अभियान के तहत बड़ा धरना-प्रदर्शन निर्धारित है। इस प्रदर्शन में हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। लेकिन सैलजा के पोस्टर से हुड्डा और दीपेंद्र के फोटो हटाने से असंतोष पनपने की पूरी आशंका है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसका असर प्रदर्शन की भीड़ पर भी पड़ सकता है, क्योंकि सिरसा के तीन विधायकों में से दो विधायक हुड्डा समर्थक हैं।
ऐलनाबाद से भरत सिंह बेनीवाल और कालांवाली से शीशपाल केहरवाला हुड्डा खेमे से जुड़े हुए हैं। वहीं, सिरसा विधायक गोकुल सेतिया न्यूट्रल माने जाते हैं। सेतिया ने अपने पोस्टर पर किसी भी नेता का फोटो नहीं लगाया।
हिसार में विधायकों ने सैलजा का फोटो नहीं लगाया, शिकायत तक पहुंची
यह विवाद सिर्फ सिरसा तक सीमित नहीं रहा। इससे पहले 18 नवंबर को हिसार में वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन हुआ था। इस दौरान हिसार के तीनों विधायकों—आदमपुर के चंद्रप्रकाश, नारनौंद के जस्सी पेटवाड़ और उकलाना के नरेश सेलवाल—ने अपने पोस्टर में कुमारी सैलजा की फोटो नहीं लगाई थी।
सैलजा समर्थकों ने इस पर नाराजगी जताई और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह तथा अनुशासन समिति के चेयरमैन धर्मपाल मलिक के पास औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई। उसके बाद धर्मपाल मलिक ने बयान दिया था कि फोटो नहीं लगाने वाले विधायकों पर कार्रवाई होगी और इस मामले पर 22 नवंबर की बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

सैलजा पर कार्रवाई का अधिकार नहीं—अनुशासन समिति के दायरे की सीमा
कांग्रेस अनुशासन समिति केवल प्रदेश स्तर के नेताओं, जैसे विधायक या राज्य संगठन से जुड़े पदाधिकारियों पर ही कार्रवाई कर सकती है। सांसद, एआईसीसी सदस्यों या राष्ट्रीय पदाधिकारियों से जुड़े मामलों में समिति सिर्फ रिपोर्ट हाईकमान तक भेज सकती है।
इसलिए सैलजा के पोस्टर विवाद पर कार्रवाई समिति के सीधे अधिकार में नहीं है, लेकिन पार्टी में संदेश खराब न जाए, इसलिए इसे भी 22 नवंबर को होने वाली सुनवाई में देखा जाएगा।
चेयरमैन धर्मपाल मलिक—पोस्टर गाइडलाइन का पालन जरूरी
धर्मपाल मलिक ने कहा है कि 22 नवंबर को अंबाला में दोनों मामलों—हिसार और सिरसा—की सुनवाई की जाएगी। पार्टी में एकजुटता का संदेश जाना चाहिए और जो गाइडलाइन एआईसीसी ने जारी की है, उसका पालन सभी नेताओं को करना ही होगा।
पोस्टर में इन 11 नेताओं की फोटो लगाना अनिवार्य
कांग्रेस की ओर से अभियान पोस्टरों के लिए 11 नेताओं की फोटो का प्रोटोकॉल जारी है—
- सोनिया गांधी
- अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे
- राहुल गांधी
- प्रियंका गांधी
- केसी वेणुगोपाल
- प्रभारी बीके हरिप्रसाद
- प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह
- नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा
- महासचिव कुमारी सैलजा
- रणदीप सिंह सुरजेवाला
- दीपेंद्र सिंह हुड्डा
लेकिन अब इन्हीं फोटो को लेकर कांग्रेस नेताओं में आंतरिक खींचतान तेज हो गई है।
