गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ वर्षीय छात्रा को मात्र चार घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर दिया। बच्ची को उसके परिजनों को सुरक्षित सौंप दिया गया है। यह घटना उस समय घटी जब दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी और अचानक लापता हो गई।
परिजनों ने जैसे ही यह घटना देखी, तुरंत सोहना पुलिस चौकी पहुंचकर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। चौकी इंचार्ज राजवीर ने मामला मिलते ही तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया और छात्रा की तलाश शुरू कर दी।
पुलिस टीम ने स्थानीय दुकानदारों से पूछताछ की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। लगातार प्रयासों और जांच के दौरान तीन घंटे के भीतर छात्रा का सुराग मिल गया। बच्ची को सोहना के ठाकुर वाड़ा क्षेत्र से सकुशल बरामद किया गया।

जांच में सामने आया कि स्कूल की छुट्टी के बाद छात्रा अपनी एक सहेली के घर चली गई थी। वहीं खेलते-खेलते वह सो गई थी, जिसके कारण समय पर घर नहीं लौट सकी। इस घटना से पता चला कि बच्ची सुरक्षित थी और किसी प्रकार की कोई दुर्घटना नहीं हुई।
बच्ची की मां दीपिका ने बताया कि उनकी बेटी परी, गणेश गणपति स्कूल में पढ़ती है। स्कूल से छुट्टी के बाद घर न पहुंचने पर उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। उनकी तत्परता और सक्रियता के कारण ही बच्ची सुरक्षित ढूंढी जा सकी।
सोहना पुलिस की इस तेज और प्रभावी कार्रवाई से बच्ची के परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस का धन्यवाद किया। अधिकारियों ने इस मामले में स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपील की और कहा कि गुमशुदगी जैसी घटनाओं में त्वरित सूचना और पुलिस की सहायता से बच्चे को सुरक्षित ढूंढा जा सकता है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में समय का अत्यधिक महत्व है। सोहना पुलिस की सक्रियता और जाँच प्रक्रिया से यह उदाहरण सामने आया कि सही रणनीति और तत्परता से न केवल बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है बल्कि माता-पिता में विश्वास भी बढ़ाया जा सकता है।
इस घटना से यह संदेश जाता है कि बच्चों की सुरक्षा हर नागरिक और प्रशासन की जिम्मेदारी है। पुलिस ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में भी तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
