कैथल जिले के सीवन कस्बे में फूड सेफ्टी विभाग की टीम ने नकली डेयरी उत्पाद बनाने वाली एक फैक्ट्री पर बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को की गई इस छापेमारी में टीम ने मौके से भारी मात्रा में नकली दूध, पनीर और घी बरामद कर फैक्ट्री मालिक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। फूड सेफ्टी ऑफिसर पवन कुमार चहल के नेतृत्व में की गई इस रेड ने इलाके में हड़कंप मचा दिया।
रेड में मिला 300 किलो पनीर और 10 हजार लीटर नकली दूध
फूड सेफ्टी टीम जब मौके पर पहुंची तो फैक्ट्री में 300 किलो से अधिक तैयार पनीर और 10,000 लीटर के करीब नकली दूध रखा हुआ पाया गया। जांच के दौरान टीम को संदेह हुआ कि ये उत्पाद मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। इसके बाद विभाग ने तुरंत प्रभाव से पनीर और नकली दूध ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरवाकर सीवन के बाहर सुरक्षित स्थान पर नष्ट करने का आदेश दिया।
600 किलो नकली घी और 2 हजार लीटर रिफाइंड ऑयल जब्त
जांच के दौरान टीम को फैक्ट्री में और भी खतरनाक सामग्री मिली। इनमें शामिल थे:
- 600 किलो नकली घी
- 2,000 लीटर पाम रिफाइंड ऑयल
- 2,500 किलो मिल्क पाउडर
ये सारे उत्पाद नकली घी और नकली डेयरी प्रोडक्ट तैयार करने में उपयोग होते थे। टीम ने इन सभी को जब्त कर लिया और जांच के लिए नमूने सील कर लैब में भेज दिए।
गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई
फूड सेफ्टी विभाग को कुछ दिनों पहले गुप्त सूचना मिली थी कि सीवन में गर्ग मिल्क फैक्ट्री के नाम से एक डेयरी यूनिट लंबे समय से नकली डेयरी उत्पाद तैयार कर बेच रही है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री का मालिक आशु नामक व्यक्ति 2022 से यह धंधा चला रहा था।
सूचना मिलने पर विभाग ने टीम गठित की और दोपहर के समय फैक्ट्री में रेड कर दी। टीम के पहुंचते ही फैक्ट्री में काम कर रहे कर्मचारी भाग खड़े हुए, लेकिन टीम ने फैक्ट्री को सील कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
केमिकल और पाउडर से बनाया जाता था दूध और घी’ – अधिकारी

फूड सेफ्टी ऑफिसर पवन कुमार चहल ने बताया कि फैक्ट्री में केमिकल, मिल्क पाउडर और अन्य मिलावटी पदार्थ मिलाकर नकली दूध, घी और पनीर तैयार किया जा रहा था। यह उत्पाद लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकते थे। पनीर और नकली दूध को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि:
“हमें शिकायत मिली थी कि इस फैक्ट्री में नकली घी तैयार किया जाता है। सैंपल जांच रिपोर्ट आने के बाद फैक्ट्री मालिक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
सैंपल जांच पर निर्भर करेगी आगे की कार्रवाई
फूड सेफ्टी टीम ने मौके से कई नमूने भरकर सील कर लिए हैं। इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। विभाग का कहना है कि अगर रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है तो फैक्ट्री को सील करने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी।
स्थानीय लोगों में गुस्सा
सीवन और आसपास के क्षेत्रों में यह फैक्ट्री पिछले कई वर्षों से अपने उत्पाद सप्लाई कर रही थी। नकली और मिलावटी उत्पादों का बड़े पैमाने पर निर्माण होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों में गहरा रोष है। लोग मांग कर रहे हैं कि ऐसे मिलावटी उत्पाद बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का अवैध धंधा न कर सके।
