हिसार में ट्रांसपोर्टर राजेश की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चौथे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान उत्तर प्रदेश के राजापुर निवासी अभिषेक के रूप में हुई है। आरोपी पर आरोप है कि हत्या को अंजाम देने के लिए मुख्य आरोपी को हथियार उपलब्ध करवाने में उसकी अहम भूमिका थी।
पुलिस का कहना है कि 6 अक्टूबर को सुंदर नगर निवासी राजेश (45) की गोली मारकर हत्या की गई थी। मामले की जांच में पता चला कि यह हत्या पारिवारिक रंजिश के चलते की गई थी। घटना की रात पुलिस को सुंदर नगर में गोली चलने की सूचना मिली, जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और गली में मृत अवस्था में पड़े राजेश का शव बरामद किया।
कैसे हुई थी वारदात
सूत्रों के मुताबिक, 6 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे बाइक पर आए दो बदमाशों ने राजेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। हमलावरों ने राजेश के सीने पर गोली मारी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोली की आवाज सुनकर आसपास के लोग पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
राजेश भिवानी जिले के नकीपुरा गांव का रहने वाला था और लंबे समय से हिसार में काम कर रहा था।
पारिवारिक रंजिश का मामला निकला कारण
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि राजेश और मुख्य आरोपी अमित उर्फ धोला के बीच दूर के रिश्तेदारी से जुड़े विवाद को लेकर तनाव था। इसी वजह से अमित ने अपने साथी सोनू उर्फ सरपंच के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। दोनों ने कई दिनों तक राजेश की गतिविधियों की रेकी की और सही मौके की तलाश में रहे।

पुलिस ने पहले ही अमित और सोनू को गिरफ्तार कर 10 दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। इसके अलावा एक नाबालिग आरोपी को भी पकड़ा गया है, जिसे ऑब्जर्वेशन होम भेज दिया गया है। चौथे आरोपी अभिषेक की गिरफ्तारी से अब पुलिस को वारदात में इस्तेमाल हथियार तथा साजिश के अन्य पहलुओं की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
हत्या से पहले परिवारिक विवाद और निजी जीवन
राजेश लगभग 16 साल पहले शादीशुदा हुआ था और उसके एक 15 साल का बेटा तथा एक छोटी बेटी है। पड़ोसियों के अनुसार, वह पिछले पांच साल से पत्नी से अलग रह रहा था और दुकान के पास ही किराए के कमरे में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ रहता था।
पत्नी मंजीत अपने दोनों बच्चों के साथ हिसार के मिलगेट इलाके में रहती है। दोनों के बीच अक्सर तनाव रहता था और इसका असर राजेश के पारिवारिक जीवन पर भी पड़ा। राजेश आखिरी बार दशहरे पर अपने बच्चों से मिलने गया था।
मुंबई से हिसार लौटकर शुरू किया था काम
राजेश पहले मुंबई में ट्रांसपोर्ट का काम करता था। कोरोना महामारी के दौरान उसने मुंबई छोड़कर हिसार में बसने का फैसला किया। यहां आकर वह ट्रांसपोर्ट के साथ-साथ कनफेक्शनरी की दुकान भी चलाने लगा था।
राजेश के भाई संतो ने बताया कि परिवार की अंदरूनी रंजिश काफी समय से चल रही थी, जिसका अंजाम आखिरकार एक खतरनाक वारदात के रूप में सामने आया।
पुलिस की तफ्तीश जारी
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल कर रही है और जल्द ही वारदात में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
