Wednesday, April 1, 2026
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हरियाणा शिक्षा विभाग ने बदली लोन मंजूरी प्रक्रिया: अब मकान निर्माण और मरम्मत के लोन की फाइल जाएगी मुख्यालय

हरियाणा शिक्षा विभाग ने सरकारी शिक्षकों और शैक्षिक कर्मचारियों के लिए लोन मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब मकान निर्माण, मरम्मत, विस्तार और प्लॉट खरीद जैसे कार्यों के लिए मिलने वाले ऋण की फाइलों को अब जिला स्तर पर मंजूरी नहीं मिलेगी। पहले यह कार्य जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) द्वारा किया जाता था, लेकिन अब फाइलें सीधे विभागीय मुख्यालय भेजी जाएंगी, जहाँ से अनुमोदन प्राप्त होने के बाद ही लोन स्वीकृत होगा।

लोन मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला स्तर पर लोन फाइलों में देरी, दस्तावेजों की अधूरी जांच और शिकायतों को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। अब मुख्यालय स्तर पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी होगी, जिससे पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

यह नई व्यवस्था सभी नियमित सरकारी शिक्षकों और शिक्षा विभाग के स्थायी कर्मचारियों पर लागू होगी।

दस्तावेजों की अनिवार्य चेकलिस्ट जारी

विभाग ने लोन आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए विस्तृत डॉक्यूमेंट चेकलिस्ट भी जारी की है। इनमें शामिल हैं:

  • आवेदन पत्र (DDO द्वारा प्रमाणित)
  • लंबित जांच, अनुशासनात्मक कार्रवाई या शिकायत न होने का प्रमाणपत्र
  • शपथ पत्र और अंडरटेकिंग
  • पे-स्लिप और जीपीएफ/पीआरएएन नंबर
  • मकान का नक्शा, निर्माण का अनुमान और अनुमति
  • मोर्टगेज डीड
  • पहले लिए गए किसी भी ऋण का विवरण
  • दो स्थायी सरकारी कर्मचारियों के सत्यापित श्योरिटी बॉन्ड
  • गवाह कर्मचारियों के पहचान पत्र

विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी दस्तावेज में कमी पाई गई, तो आवेदन स्वतः अस्वीकृत कर दिया जाएगा।

लोन की सीमा और शर्तें

शिक्षा विभाग ने विभिन्न उद्देश्यों के लिए लोन की अधिकतम सीमा भी तय की है:

🔹 1. नया मकान निर्माण

  • बेसिक वेतन का 34 गुना या
  • अधिकतम ₹25 लाख
    (जो भी कम हो)

🔹 2. मकान की मरम्मत/बढ़ोतरी

  • बेसिक वेतन का 10 गुना या
  • अधिकतम ₹2 लाख

🔹 3. प्लॉट खरीद

  • विभागीय नियमों के अनुसार तय सीमा तक अग्रिम राशि उपलब्ध होगी।

यह सुविधा केवल नियमित सेवा पर तैनात राज्य के सरकारी शिक्षकों और शैक्षिक कर्मचारियों को ही मिलेगी।

मुख्यालय स्तर पर निगरानी से बढ़ेगी पारदर्शिता

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, जिला स्तर पर फाइलों की अनियमितता, देरी, गलत दस्तावेजों की पुष्टि और प्रभाव के आधार पर फाइलें आगे भेजे जाने जैसी शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। इसे रोकने के लिए अब पूरी प्रक्रिया मुख्यालय में केंद्रीकृत कर दी गई है।

इस नई व्यवस्था के बाद:

  • फाइलें समय पर चेक होंगी
  • गलत या फर्जी दस्तावेजों को रोका जा सकेगा
  • जिला स्तर की देरी खत्म होगी
  • कर्मचारियों को जल्दी लोन स्वीकृति मिलने की संभावना बढ़ेगी

कर्मचारियों को क्या होगा लाभ?

  • लोन प्रक्रिया होगी पारदर्शी
  • जिला स्तर पर अनावश्यक दौड़भाग कम होगी
  • सभी फाइलों का रिकॉर्ड और निर्णय मुख्यालय स्तर पर
  • दस्तावेजों की कठोर जांच से फर्जीवाड़ा रुकेगा
Sonu Baali
Sonu Baalihttp://khasharyananews.com
संस्थापक, खास हरियाणा न्यूज़- हरियाणा की ज़मीन से जुड़ा एक निष्पक्ष और ज़मीनी पत्रकार। पिछले 6+ वर्षों से जनता की आवाज़ को बिना किसी एजेंडे के सामने लाने का प्रयास कर रहे हैं। देसी अंदाज़ और सच्ची पत्रकारिता में विश्वास रखते हैं। 🌐 khasharyana.com
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