बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद हरियाणा कांग्रेस में नए राजनीतिक संकेत दिखाई देने लगे हैं। महेंद्रगढ़ में पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की चल रही सद्भाव यात्रा में पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चौधरी बीरेंद्र सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि प्रदेश की राजनीति में जल्द ही बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उनका यह बयान बिहार में कांग्रेस की करारी हार और दिल्ली में पार्टी नेतृत्व द्वारा की गई समीक्षा बैठक के बाद सामने आया है।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा कांग्रेस के दो शीर्ष चेहरे—पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र—अब जनता के बीच ज्यादा सक्रिय नजर आएंगे। उन्होंने यहां तक कहा कि भविष्य में ये दोनों नेता बृजेंद्र सिंह की यात्रा में भी शामिल हो सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हरियाणा कांग्रेस में गुटबाजी अपने चरम पर है और हाईकमान इसे खत्म करने के प्रयास कर रहा है।
कांग्रेस की राजनीति में बदलाव का संकेत?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीरेंद्र सिंह के बयान का बड़ा असर हो सकता है। कांग्रेस कई महीनों से हरियाणा में खुद को मजबूत करने की कोशिश में है, लेकिन लगातार दो बड़े गुटों—हुड्डा गुट और कुमारी शैलजा गुट—की वजह से संगठन में एकजुटता की कमी दिखती रही है।
इसी बीच पूर्व IAS अधिकारी और हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह द्वारा 5 अक्टूबर को उचाना हलके से शुरू की गई सद्भाव यात्रा ने कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यह यात्रा छह चरणों में हरियाणा के सभी 90 विधानसभा हलकों में जाएगी।
कांग्रेस को असहज कर चुके हैं बीरेंद्र सिंह के दो हालिया बयान
1️⃣ “कितना दम है, 6-7 महीने में पता चल जाएगा”
कुछ दिन पहले नारनौल में दिए गए बयान में बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि कांग्रेस के कुछ नेता बृजेंद्र सिंह की यात्रा में शामिल होने को लेकर असमंजस में हैं। उन्होंने कहा—“जो हमारे साथ चलना चाहते हैं, वो आ जाएं। जो नहीं शामिल होना चाहते, वो 6-7 महीने बाद देख लें कि हमारे अंदर कितना दम है।”

2️⃣ “हम सत्ता वाली पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आए थे”
एक सप्ताह पहले दिए बयान में बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि वे उस समय की सत्ताधारी पार्टी छोड़कर कांग्रेस में आए थे और संभव है कि भविष्य में वही पार्टी फिर सत्ता में आ जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा ही स्वस्थ लोकतंत्र दे सकती है।
उनके इन बयानों ने कांग्रेस को असहज जरूर किया, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे पार्टी के अंदर बदलाव की दस्तक मान रहे हैं।
हरियाणा कांग्रेस की गुटबाजी—हुड्डा vs शैलजा गुट
हरियाणा कांग्रेस दो प्रमुख गुटों में बंटी है:
- हुड्डा गुट
- कुमारी सैलजा गुट
हाल ही में हाईकमान ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा को नेता प्रतिपक्ष और राव नरेंद्र को प्रदेशाध्यक्ष बनाया, लेकिन दोनों का झुकाव हुड्डा कैंप की ओर अधिक दिखाई देता है।
बीरेंद्र सिंह और उनका परिवार सैलजा गुट के करीब माना जाता है, इसलिए बृजेंद्र सिंह की यात्रा में हुड्डा गुट का कोई बड़ा नेता अभी तक शामिल नहीं हुआ। यहां तक कि राव नरेंद्र ने इस यात्रा को निजी कार्यक्रम बताकर दूरी बनाए रखी।
दिसंबर में हरियाणा आ सकते हैं राहुल गांधी
सूत्रों के अनुसार, दिसंबर में राहुल गांधी हरियाणा दौरे पर आ सकते हैं। इससे पहले बृजेंद्र सिंह अपनी यात्रा का अनुभव उन्हें साझा कर सकते हैं और बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी का मुद्दा भी उठा सकते हैं। यात्रा में सैलजा गुट के नेता शामिल हो चुके हैं, लेकिन हुड्डा गुट पूरी तरह दूर है। हिसार के सांसद जयप्रकाश ने तो यात्रा को लेकर बयानबाजी भी की थी।
