हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (LUVAS) और इसके संबद्ध कॉलेजों में वीएलडीडी कोर्स के सात थ्योरी पेपर रद्द किए जाने के विरोध में शनिवार को विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि उन्हें अचानक पेपर रद्द होने की सूचना दी गई, लेकिन यह नहीं बताया गया कि कौन सा पेपर लीक हुआ और कहां से।
विद्यार्थियों ने कहा कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत की थी। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस कारण के सभी सात पेपर रद्द करना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्रों की मुख्य मांग है कि यदि केवल एक पेपर लीक हुआ है, तो केवल उसी पेपर की दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए। सभी सात पेपरों को फिर से लेना अनुचित है और इससे उनकी मेहनत पर पानी फिरता है।
एक वीएलडीडी छात्र ने बताया कि उन्हें प्रैक्टिकल के दौरान सभी थ्योरी पेपर रद्द होने की सूचना मिली। हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर लीक होने का कारण बताया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कौन सा पेपर लीक हुआ था और इसे कहां से लीक किया गया।

छात्र नेता हरिकेश ढांडा, जो क्रांतिकारी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (केएसओ) के अध्यक्ष हैं, ने बताया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध 15 कॉलेजों के लगभग 1300 छात्र इस प्रदर्शन में शामिल हुए। छात्रों ने आरोप लगाया कि एक पेपर लीक की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुपचुप तरीके से सभी परीक्षाओं को रद्द कर दिया।
इस प्रदर्शन में छात्र अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े हुए और विश्वविद्यालय प्रशासन से निष्पक्ष निर्णय की मांग की। छात्रों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे और उच्च अधिकारियों तक अपनी आवाज़ पहुँचाएंगे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया है कि वह एक जांच कमेटी गठित करें। यह कमेटी पूरे मामले की गहन जांच करेगी और पता लगाएगी कि पेपर किस तरह और कहां से लीक हुआ। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छात्रों ने यह भी कहा कि उनकी मुख्य चिंता केवल अपनी मेहनत और भविष्य की सुरक्षा है। वे चाहते हैं कि केवल लीक हुए पेपर की दोबारा परीक्षा हो और सभी छात्रों की मेहनत का सम्मान किया जाए। प्रशासन और छात्रों के बीच यह मामला विश्वविद्यालय में परीक्षा व्यवस्था और पारदर्शिता को लेकर चिंता पैदा कर रहा है।
इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि छात्र अपने अधिकारों और मेहनत के मूल्य को लेकर संवेदनशील हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रों की शिकायतों और मांगों को गंभीरता से लेना होगा। वहीं, छात्रों का यह भी कहना है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे और उच्च न्यायिक अधिकारियों से भी अपनी शिकायत दर्ज कराएंगे।
कुल मिलाकर, LUVAS में वीएलडीडी कोर्स के सात थ्योरी पेपर रद्द होने के मामले में छात्रों का प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय की आवश्यकता को उजागर करता है। प्रशासन और छात्रों के बीच उचित संवाद से ही इस समस्या का समाधान संभव है।
