दिल्ली में लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास 10 नवंबर की शाम 6:52 बजे हुए कार ब्लास्ट में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
न्यूज़ एजेंसी PTI के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि विस्फोट में अमोनियम नाइट्रेट, फ्यूल और डेटोनेटर का इस्तेमाल किया गया था।
अब दिल्ली पुलिस इस धमाके की जांच तीन अलग-अलग एंगल से कर रही है —
पहला एंगल: संदिग्ध उमर की गतिविधियां

जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि डॉ. उमर दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:22 बजे तक क्या कर रहा था।
क्या वह कार के पास ही रुका था, किसी से मिला था या इलाके की टोह ले रहा था?
संभावना है कि वह व्यस्त समय में भीड़ बढ़ने का इंतजार कर रहा था ताकि ब्लास्ट का प्रभाव ज्यादा हो।
दूसरा एंगल: फरीदाबाद का आतंकी नेटवर्क
दूसरा एंगल फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉक्टरों से जुड़ा है, जिनके नाम जांच में सामने आए हैं।
पुलिस इस नेटवर्क के सक्रिय और निष्क्रिय सदस्यों की संख्या का पता लगा रही है।
जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि क्या उमर, मुजम्मिल या आदिल ने खुद दिल्ली की रेकी (surveillance) की थी या किसी और को जिम्मा सौंपा था।
तीसरा एंगल: विस्फोट की प्रकृति
तीसरा एंगल विस्फोट की प्रकृति से जुड़ा है।
दिल्ली में हुए पुराने ब्लास्ट्स के विपरीत, पुलिस को घटनास्थल से कील, ब्लेड या छर्रे जैसी कोई चीज नहीं मिली है।
फिर भी धमाके से आसपास के वाहन पूरी तरह चकनाचूर हो गए।
पुलिस इस बात से हैरान है कि इतने बड़े विस्फोट के बावजूद जमीन पर कोई गड्ढा नहीं बना।
NIA ने संभाली जांच
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस केस की जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को सौंप दी है।
सुबह 11 बजे गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर अहम बैठक हुई, जिसमें IB, NIA और जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी मौजूद रहे।
CCTV फुटेज में डॉ. उमर नबी की पहचान

ब्लास्ट में इस्तेमाल हुई सफेद हुंडई i20 कार का CCTV फुटेज सामने आया है।
फुटेज में एक काले मास्क पहने शख्स को कार चलाते देखा गया, जिसकी पहचान डॉ. मोहम्मद उमर नबी के रूप में की जा रही है — जो पुलवामा का रहने वाला और अल फलाह यूनिवर्सिटी में फैकल्टी था।
सूत्रों के मुताबिक, उमर ने विस्फोटकों के साथ खुद को उड़ा लिया।
DNA टेस्ट के लिए उसकी मां और दो भाइयों को पुलिस हिरासत में लेकर सैंपल लिया गया है।
इस बीच, कश्मीर पुलिस ने उमर के दोस्त डॉ. सज्जाद को भी हिरासत में लिया है।
लाल किला और मेट्रो स्टेशन बंद
ब्लास्ट के बाद लाल किला को 13 नवंबर तक बंद कर दिया गया है।
लाल किला मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 4 को भी बंद कर दिया गया है।
दिल्ली पुलिस की रातभर तलाशी अभियान
ब्लास्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने पहाड़गंज और दरियागंज के होटलों में रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया।
पुलिस ने होटल विज़िटर रजिस्टर खंगाले और चार संदिग्धों को चिन्हित किया।
मृतकों में बिहार और यूपी के युवक भी शामिल
धमाके में बिहार के समस्तीपुर निवासी 22 वर्षीय पंकज सहनी की मौत हुई। वह दिल्ली में कैब ड्राइवर था और रिश्तेदार को छोड़ने जा रहा था।
उत्तर प्रदेश के अमरोहा के अशोक सिंह और लोकेश अग्रवाल की भी जान गई है।
अशोक DTC में नौकरी करते थे, जबकि लोकेश खाद कारोबारी थे।
UP से मरने वालों की संख्या 5 तक पहुंच गई है, जबकि 2 शवों की पहचान बाकी है।
